स्वामी विवेकानंद-एक अथक राष्ट्र पथिक

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जिस भारत को विश्व सोने की चिड़िया के रूप में पहचानता है, उसकी समृद्धि और ऐश्वर्य का आधार हिन्दू आध्यामिकता में निहित है।

धर्म तथा युगधर्म

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हम भारतीय उपभोक्ता जब इस दीपावली की खरीदी के लिए बाजार जाएंगे तो इस चिंतन के साथ स्थिति की गंभीरता पर गौर करें कि आपकी दीवाली की ठेठ पुराने समय से चली आ रही और आज के दौर में नई जन्मी दीपावली की आवश्यकताओं को चीनी औद्योगिक तंत्र ने किस प्रकार से समझ बूझकर आपकी हर जरुरत पर कब्जा जमा लिया है।  दिये, झालर, पटाखे, खिलौने, मोमबत्तियां, लाइटिंग, लक्ष्मी जी की मूर्तियां आदि से लेकर त्यौहारी कपड़ों तक सभी कुछ चीन हमारे बाजारों में उतार चुका है और हम इन्हें खरीद-खरीद कर शनैः शनैः एक नई आर्थिक गुलामी की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रगतिशीलता ही हिंदुत्व का परमतत्व

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गणेशोत्सव का धार्मिक ही नहीं अपितु सामाजिक व राष्ट्रीय योगदान भी रहा है। अब हमारा वर्तमान दायित्व है कि हम इस उत्सव को कोरोना महामारी के विरुद्ध एक शस्त्र की तरह उपयोग करें व हिंदुत्व के परम प्रयोगवादी, प्रगतिवादी व परम प्रासंगिक रहने के सारस्वत भाव की और अधिक प्राणप्रतिष्ठा करें।

आपातकाल की बड़ी भारी हथकड़ी और कोमल कलाई  

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आपातकाल के ढ़ाई वर्ष समाप्त होने के बाद पढ़ाई पूरी की जाये ऐसा पुनः ध्यान मे आया तो 11 वीं कक्षा की प्राइवेट परीक्षा देनी पड़ी और अपना प्रिय विषय गणित छोड़कर आर्ट का विषय चुनने को मजबूर होना पड़ा।

हिंदू-बौद्ध आज भी विश्वगुरु

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कालातीत या हर समय में संवेदनशील, सटीक और समर्थ जीवन शैली को जन्म देने वाले हमारे हिन्दू-बौद्ध सिद्धांत और संस्कार हमें विश्व नेतृत्व की अद्भुत क्षमता प्रदान करते हैं। यही हमारे लिए विश्वगुरु की पुनर्स्थापना है।

तीन तलाक के मुक्तिदाता मोदी

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मोदी सरकार के अथक प्रयास से सदियों पुरानी कुप्रथा तीन तलाक को ख़त्म कर इतिहास रच दिया गया है. लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल पास हो गया. बिल के समर्थन में ९९ और विरोध में ८४ वोट पड़े. अब तीन बार तलाक कह कर पत्नी से तलाक लेना संज्ञेय अपराध होगा. पीड़ित या परिवार के सदस्य एफआईआर दर्ज करा सकते हैं. एफआईआर दर्ज होने के बाद बिना वारंट के गिरफ्तारी हो सकेगी. मजिस्ट्रेट पत्नी का पक्ष जानने के बाद ही जमानत दे सकते है. मजिस्ट्रेट को पति और पत्नी के बिच सुलह कराकर शादी बरकरार रखने का भी अधिकार दिया गया है. अदालत का फैसला आने तक बच्चा मां के संरक्षण में रहेगा. इस दौरान पत्नी को गुजारा भत्ता पति को देना होगा. तीन तलाक देने वाले पति को ३ वर्ष की जेल और जुर्माना दोनों ही सजा दी जा सकती है.

कर्नाटक में कांग्रेस का नाटक

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  मुख्यमंत्री के पद पर कुमारस्वामी, सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड्गे के नाम सुबह दोपहर शाम बारी-बारी से चल रहें हैं. सीतारमैया ने तो एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कह दिया था कि आवश्यकता हुई तो वे पुनः मुख्यमंत्री पद संभालेंगे. कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी ने इसकी योजना भी सार्वजनिक की थी.

 बंगाल के राजनैतिक पुनर्जागरण की ओर भाजपा  

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एक बंगाली कहावत है “सोरसे मोद्हे भूत , तहाले भूत केमोन भाग्बे”यानि सरसों की जड़ में सरसों का भूत है , तो भूत भागेगा कैसे ? यानि जब समस्या के मूल में ही समस्या है तो समस्या जायेगी कैसे?

संघ व गोड्से के सम्बन्ध की अंतर्कथा  

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गांधी जी की हत्या के पश्चात के प्रत्येक दशक में दस पांच बार गोएबल्स थियरी के ठेकेदारों ने ये प्रयास सतत किये हैं कि गांधीजी की हत्या को संघ के मत्थे मढ़ दिया जाए जिसमें वे हर बार असफल रहें हैं। अब देश भर में गांधी व गोड़से को लेकर नया विमर्श प्रारम्भ है, इस क्रम में ऐतिहासिक साक्ष्यों को पढ़ना आवश्यक हो जाता है।

कंधार कांड के प्रतिशोध की ओर बढ़ते मोदी 

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       दुर्योग ही है कि इस्लाम के धार्मिक स्थानों व प्रतीकों में जिस चांद को दिखाया जाता है उसे ही अजहर कहते हैं. अजहर मसूद यानि हंसता हुआ चांद !! किंतु इस अजहर मसूद में तो चांद जैसे कोई भी लक्षण न थे, यह तो शीतलता व मुस्कान से मीलों दूर पाप, आतंक, मार काट व भारत विरोध का पर्याय बन गया है.

सच्चे कांग्रेसियों ! एक हो जाओ   

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स्वतंत्रता के बाद  कांग्रेस का वैचारिक आधार दरकने लगा और इसने अपना कोई वैचारिक स्त्रोत संगठन बनाने का प्रयास ही नहीं किया. तुर्रा ऊपर से ये रहा कि शनैः शनैः कांग्रेस ने वामपंथियों को अपना गुरु मानना प्रारंभ किया और बहुत शीघ्र ही उसने स्वयं को वामपंथ का वैचारिक पुत्र या मानस पुत्र ही मान लिया. कांग्रेस की नीति, रीति, चाल चलन, हाव भाव, अभिव्यक्ति सभी कुछ पर कम्युनिस्टों ने बड़ी चतुराई से अपना कब्जा जमा लिया और उसका डीएनए ही बदल दिया. आज की कांग्रेस स्वतंत्रता पूर्व की कांग्रेस से आमूल चूल अलग होकर शत प्रतिशत वामपंथी भूमिका में आ गई है.

प्रधानमंत्री नहीं, प्रेरणामंत्री

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नरेंद्र मोदी (नमो) सरकार ने चार वर्ष में बहुतेरे नवाचारों, संकल्पों, योजनाओं व विषयों को दिशा दी। सार रूप में इतना कहा जा सकता है कि यह सरकार भाजपा की राजनैतिक तो पूंजी है ही, हम भारतीयों के लिए भी नैतिक पूंजी बनने जा रही है। नमो केवल प्रधानमंत्री ही नहीं हैं, प्रेरणामंत्री भी हैं।  

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