सीमा की नज़र बार बार अपने मोबाइल की डिजिटल घड़ी पर जा रही थी। नौ बजने को आये थे पर...
रमाबाई का जन्म 23 अप्रैल, 1858 को ग्राम गंगामूल (जिला मंगलोर, कर्नाटक) में हुआ था। उस समय वहाँ लड़कियों की...
सुंदरता देखने वाले की आंखों में होती है। ये पुरातन कहावत हर स्थिति में सही नहीं मानी जा सकती! आज...
सरोद जैसे मरदाने वाद्य को बजाकर ‘सरोदरानी’ के नाम से प्रसिद्ध हुई शरणरानी बाकलीवाल का जन्म 9 अप्रैल , 1929...
गणगौर का पर्व भक्ति श्रृंगार और लोकगीत से जुड़ा है, जिसके गीत जीवन में उमंग भरते है। साथ ही प्रकृति...
भारतीय समाज स्त्रियों के सम्मान के बारे मे बड़ी बड़ी बातें करता है । स्त्री को देवी का रूप माना...
शौहर द्वारा बेटी को तीन तलाक देने से उसके अब्बू इतने परेशान हुए कि उनकी जान ही चली गई। यह...
आज पूरी दुनिया लगातार बढ़ रही वैश्विक गर्मी से चिन्तित है। पर्यावरण असंतुलन, कट रहे पेड़, बढ़ रहे सीमेंट और...
शिक्षालयों में हिजाब पहनने का विवाद इतनी आसानी से नहीं निपटेगा यह स्पष्ट था। कर्नाटक उच्च न्यायालय का फैसला आया...
कहीं हम रेप की संस्कृति को बढ़ावा तो नहीं दे रहे है? वर्तमान दौर में यह सवाल बहुत ही प्रासंगिक...
जब स्त्री शोषण के खिलाफ स्त्री विमर्श जगाकर एक स्वर में समस्या का सही हल ढूंढ़ने का प्रयास करने लगी...
#अंतराष्ट्रीय_महिला_दिवस का सच्चे अर्थों में भारतीय परंपराओं में कोई स्थान नही है। यह एक पाश्चात्य स्थापना है।
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