हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

एक बार एक शिकारी किसी घने जंगल से होकर गुजर रहा था। उसके पास बंदूक भी थी। जब वह जंगल के भीतर गया तो उसने पेड़ की एक डाल पर एक कबूतर बैठा देखा।

उसने अपनी बंदूक से कबूतर का निशाना लिया और बंदूक का घोड़ा दबाने ही वाला था कि कहीं पीछे से एक सांप आया और उसे डस लिया। शिकारी अपने शिकार पर गोली नहीं चला सका और नीचे गिर पड़ा। सांप के विष का प्रभाव इतना तेज था कि उसका शरीर नीला पड़ने लगा। वह जमीन पर लोटने लगा। उसके मुंह से झाग निकलने लगे।

मरते समय शिकारी ने सोचा- ‘सांप ने मेरे साथ वही किया, जो मैं उस मासूम कबूतर के साथ करना चाहता था।’

निष्कर्ष- दूसरों का बुरा करने वाला स्वयं भी विपत्ति में फंसता है।

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu

विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

स्वंय के लिए और अपने परिजनों के लिए ग्रंथ का पंजियन करें!
ग्रंथ का मूल्य 500/-
प्रकाशन पूर्व मूल्य 400/- (30 नवम्बर 2019 तक)

पंजियन के लिए कृपया फोटो पर क्लिक करें

%d bloggers like this: