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एक बार की बात है भगवान् श्रीराम और सीता में वाद -विवाद हो गया । श्रीराम ने कहा कि हनुमान मेरा भक्त है , और सीता माता ने कहा कि हनुमान मेरा भक्त है । तब फिर श्रीराम ने कहा कि हनुमान से ही पूंछ लिया जाये । बस फिर क्या था ? हनुमान जी आये , तब माता सीता ने पूंछा कि ” तुम किसके भक्त हो ? हनुमान जी समझ गए की आज कुछ दाल में काला है । उन्होंने ने कहा ” तुम्हारा यानी सीता का मैं भक्त नही हूँ । श्रीराम जी मुस्करा गए, और हनुमान से पूंछा अब तो तुम मेरे भक्त हो । तब हनुमान ने कहा तुम्हारा यानी श्रीराम का मैं भक्त नही हूँ ।

तब श्रीराम जी क्रोध से बोले कि तुम फिर किसके भक्त हो ? तब हनुमान जी कहा ” भगवन क्रोधित मत होइए । मैं श्री सीताराम का भक्त हूँ । तब श्रीराम और सीता माता ने हनुमान जी को गले से लगा लिया ।

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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