रसातल की ओर जाती राजनीति

राजनीति का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। यहां कौन कब किस का दोस्त बन जाए और कब दुश्मन कुछ भी कहा नही जा सकता। ज्यादातर लोग सिर्फ और सिर्फ सत्ता के लिए ही जी रहे है। अपनी सुविधा के अनुसार अपना दोस्त और दुश्मन लोग बनाते चल रहे है। हालिया परिवर्तन महाराष्ट्र में देखने को मिला था, जहां बाला साहेब ठाकरे के हिदुत्व के मुद्दे को रौंदते हुए उनके ही सुपुत्र उद्धव ठाकरे ने सत्ता के लिए उन पार्टियों से सांठ – गांठ कर लिया, जिसका बाला साहेब ताउम्र विरोध करते रहे। उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बाला साहेब ठाकरे और पार्टी का मुख्य मुद्दा हिंदुत्व भी भुला दिया और हिंदुत्व को आतंकवाद का नाम देने वाली पार्टियों के साथ सत्ता का सुख भोग रहे है। हालांकि उनका यह सुख भोग आखिरी भी हो सकता है क्योंकि उनके इस फैसले से पार्टी और महाराष्ट्र सहित पूरे देश की जनता को धक्का लगा है।

वहीं दूसरी तरफ एऩसीपी प्रमुख शरद पवार का भी एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। जिसमें शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी पर एक बड़ा आरोप लगाया है।

एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान शरद पवार ने कहा कि हाल में हुए  राजधानी दिल्ली के चुनाव में बीजेपी की बड़ी हार हुई है, जिसके बाद सरकार ने जानबूझ कर यह दंगा करवाया। जिसमें करीब 45 लोगों की मौत हो गयी और 200 से अधिक लोग घायल हो गये। हालांकि शरद पवार के इस बयान की बुनियाद क्या है और उन्हे इतनी सटीक खबर कहां से मिली, इसकी जानकरी शायद खुद उनके पास भी नही होगी, लेकिन सत्ता के लिए देश के प्रधानमंत्री पर इस तरह के आरोप लगाना गलत है। हर पार्टी और नेता को किसी भी पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए अन्यथा राजनीति का गिरता स्तर हर किसी के लिए घातक हो जाएगा।  

इससे पहले पीएम मोदी और शरद पवार की अलग-अलग मुद्दों को लेकर कई बार मुलाकात भी हो चुकी है। जिसके बाद दोनों नेताओ एक दूसरे की तारीफ भी की थी लेकिन फिलहाल हवा का रुख बदला-बदला सा नजर आ रहा है शायद इसीलिए शरद पवार का ऐसा बयान सामने आया है।

 

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