यस बैंक में नहीं डूबेगा किसी का पैसा, वित्त मंत्री ने दिया आश्वासन

यस बैंक में नगदी निकासी कि सीमा तय होने के बाद से खाता धारकों में हलचल मची हुई है खाताधारकों को इस बात की चिंता है कि कहीं उनका पैसा ना डूब जाए

जिससे बैंक में लगातार खाताधारकों की भीड़ बढ़ती जा रही है इसके साथ ही खाता धारक अपने पैसों को लेकर भी पूरी तरह से चिंतित नजर आ रहे हैं उनका कहना है कि अचानक से बैंक का इस तरह का फरमान हम लोगों को परेशानी में डाल चुका है।

वही माहौल बिगड़ता देख वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात का आश्वासन दिलाया कि सभी का पैसा सुरक्षित है वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक के हालात को देखते हुए ऐसा फैसला लेना पड़ा ताकि बैंक को डूबने से बचाया जा सके, इसे साथ ही इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा जो लोग इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक से भी यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि आखिर बैंक में क्या गलत हुआ है जिससे इस तरह के हालात पैदा हुए हैं वित्त मंत्री ने बताया कि बैंक के बिगड़ते हालात को देखते हुए इस पर 2017 से ही निगरानी रखी जा रही थी जिसके बाद इस तरह के फैसले लेने पड़े।

इससे पहले 2018 में बैंक के सीईओ को बदला गया था लेकिन हालात में बहुत ज्यादा परिवर्तन देखने को नहीं मिला, वही बैंक के मंडल में भी बदलाव किया जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि करीब 1 महीने में नए मंडल के तहत कार्यवाही शुरू हो जाएगी। वित्त मंत्री ने यस बैंक के कर्मचारियों की नौकरी और उनके वेतन 1 साल तक सुरक्षित रहने का भी आश्वासन दिया है वित्त मंत्री ने बताया कि बैंक के बिगड़ते हालात के लिए बैंक का बड़े स्तर पर कर्ज बांटना है जिसमें बैंक ने अनिल अंबानी समूह, डीएचएफएल आईएलएफएस और वोडाफोन को कर्ज दिया था जबकि फिलहाल में यह सभी कंपनियां घाटे में चल रही है या फिर बंद होने की कगार पर है जिससे अब बैंक मुश्किल में आ गया है। हालांकि वित्त मंत्री ने यह भी बताया यह सभी मामले 2014 के पहले के हैं और उस समय कांग्रेस सत्ता में थी हालांकि अब राहत की बात यह है किस स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने यस बैंक में करीब 50% तक निवेश करने का मन बनाया है।

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