हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

शेयर बाजार में भारी गिरावट, फिर से लगा लोअर सर्किट

आम जनता के साथ-साथ शेयर बाजार भी कोरोनावायरस के खौफ में है सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई और हालत यहां तक पहुंच गई कि एक महीने में दोबारा बाजार पर लोअर सर्किट लगाना पड़ा। आपको बता दें कि कोरोनावायरस से बचने के लिए देश के कई राज्यों में 31 मार्च तक लॉक डाउन कर दिया गया है ताकि इस संक्रमण से बचा जा सके। बाजार को नीचे लाने में लॉक डाउन भी एक वजह हो सकती है क्योंकि कंपनियों का काम पूरी तरह से ठप हो चुका है ऐसे में शेयर मार्केट का नीचे आना स्वाभाविक बात है। सुबह कारोबार के दौरान सेंसेक्स में करीब 2400 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी जबकि उसी समय निफ्टी में 700 अंकों की गिरावट नजर आई थी। जिसके बाद बाजार पर लोअर सर्किट लगा दिया गया।

आपको बता दें कि मार्च महीने में ही विदेशी पोर्टफोलियो  निवेशक या (FPI) एक लाख करोड़ से ज्यादा का शेयर और बॉन्ड बाजार से निकाल चुकी है। कोरोनावायरस भारत सहित पूरे विश्व में फैल चुका है जिसकी वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था तेजी से मंदी की ओर बढ़ रही है।
इससे पहले कच्चे तेल के दामों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही थी जो अब भी जारी है। सऊदी अरब के उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद से कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट देखने को मिली थी जिसकी वजह से भारत सहित तमाम बाजारों में गिरावट नजर आई थी
इसके साथ ही भारतीय बाजार को अचानक से यस बैंक के नगद निकासी पर लगे रोक के बाद गिरावट का सामना करना पड़ा था।
कोरोना वायरस की वजह से पूरे एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के कई देशों ने राहत पैकेज के ऐलान किया लेकिन इसका बाजारों पर कोई सकारात्मक प्रभाव नजर नहीं आया जबकि अमेरिका द्वारा एक लाख करोड डॉलर के इमरजेंसी आर्थिक पैकेज पर उनके सांसदों की सहमति नहीं बन पाई जिसका बाजारों पर नकारात्मक असर देखने को मिला।

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu
%d bloggers like this: