8 पुलिस वालों का हत्यारा विकास दूबे उज्नैन मंदिर से हुआ गिरफ्तार

हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे उज्जैन से हुआ गिरफ्तार

यूपी पुलिस की टीम मध्य प्रदेश के लिए हुई रवाना
5 राज्यों की पुलिस कर रही थी विकास की तलाश
किस की मदद से भाग रहा था विकास दूबे?
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आखिरकार आरोपी विकास दूबे को गिरफ्तार कर लिया। विकास दूबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे उज्नैन में महाकाल के दर्शन करने पहुंचा था और जैसे ही वह दर्शन कर बाहर निकला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जानाकीर के मुताबिक मंदिर के गार्ड ने उसे पहचान लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी। विकास दूबे के ना मिलने पर पुलिस ने उसकी ईनामी राशी भी बढ़ा कर 5 लाख कर दी थी और उसके पोस्टर्स भी लगा दिये गये थे। विकास दूबे की तलाश में करीब 5 राज्यों की पुलिस लगी हुई थी।
 
उज्नैन मंदिर से हुआ गिरफ्तार
गुरुवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली और करीब एक सप्ताह से चल रही खोज आखिरकार विकास के मिलने के साथ ही पूरी हो गयी। पुलिस के मुताबिक विकास दूबे को उज्नैन मंदिर से गिरफ्तार किया गया है लेकिन सूत्रों की मानें तो यह विकास दूबे का खुद का प्लान था कि वह उज्नैन मंदिर से गिरफ्तार हो जिससे उसका इनकाउंटर ना हो सके। विकास की खोज के दौरान पुलिस लगातार इनकाउंटर कर रही है ऐसे में विकास दूबे को इस बात का डर था कि अगर पुलिस को मौका मिला तो उसका भी इनकाउंटर हो सकता है। 
विकास ने उज्नैन मंदिर को इसलिए चुना क्योंकि वहां सीसीटीवी में उसकी गिरफ्तारी की पूरी विडियो है और लोगों की भीड़ भी मौजूद है जिससे पुलिस कोई भी कदम उठाने से पहले विचार जरुर करेगी। पुलिस ने लोगों के सामने विकास दूबे को गिरफ्तार किया है ऐसे में अगर पुलिस विकास का इनकाउंटर करती है तो कोर्ट ने पुलिस वालों को जवाब देना होगा। 
 
इससे पहले विकास दूबे को बुधवार को फरीदाबाद में लोकेट किया गया था वह एक होटल में ठहरा हुआ था। 8 पुलिस वालों की हत्या करने के बाद भी विकास को किसी का समर्थन मिला हुआ था जो उसकी पूरी मदद कर रहा था। विकास मात्र एक रात में पुलिस को चकमा देते हुए फरीदाबाद से मध्य प्रदेश पहुंच गया। फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी है।  

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  1. अविनाश फाटक, बीकानेर. (राजस्थान)

    उत्तर प्रदेश की पुलिस व प्रशासन जिस तरह से आक्रामक कार्यवाही कर रही थी, उसके साथी एक के बाद एक मारे अथवा गिरफ्तार हो गए थे उससे उसे यह आभास हो गया होगा कि इसबार उसका बचना असंभव है. उसके कोई भी आका काम नहीं आएंगे.संभवतः इसीलिए उसने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया होगा, जो कि सही है.
    उसपर जितनी जघन्य हत्याओं और अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं, उससे उसे फांसी की सजा होना तय है.ऐसे में उसे उन सभी आकाओं के नाम उजागर कर देने चाहिए,जिन्होंने उसे उकसाया,पाला-पोसा और इस दलदल में धकेला.
    श्रावण मास चल रहा है,उसने महाकाल के समक्ष अपने अपराध स्वीकारकर आत्मसमर्पण किया हो, तो बाबा भोलेनाथ उसे अवश्य ऐसी शक्ति एवं सद्बुद्धि देंगे,कि वह सभी आकाओं और भ्रष्टतंत्र को उजागर कर सके.

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