राहत पैकेज: गरीब, किसान, मजदूर और नई नौकरी के लिए घोषणाएं

मोदी सरकार ने कोरोना से जंग करीब जीत ली है लेकिन अब सरकार के सामने अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती है। सरकार की तरफ से लगातार कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द अर्थव्यवस्था को सुधारा जा सके जिससे बेरोजगार होते लोगों को राहत मिल सके। सरकार की तरफ इसी क्रम में कई बड़े फैसले लिए गये है जिसमें बेरोज़गारी, किसान, अर्थव्यवस्था और जीडीपी को सुधारने की कोशिश की गयी है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कांफ्रेस कर इसकी जानकारी दी।

निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत 3.0’ के तहत रोज़गार योजना की शुरुआत की और कहा कि इस योजना के तहत नये लोगों और कोविड के दौरान बेरोज़गार हुए लोगों को नई नौकरी मिलेगी। 1 अक्टूबर से लागू हो रहे इस योजना का लाभ दो साल तक कंपनी और एंप्लाई दोनों को लाभ मिलता रहेगा।

केंद्र सरकार की तरफ से शहरी पीएम आवास योजना के तहत वित्त वर्ष में कुल 18000 करोड़ रुपये खर्च करने और 18 लाख घरों को पूरा करने की योजना है। सरकार की इस योजना से ज़रूरतमंदों को अपना घर नसीब हो जायेगा। रियल स्टेट क्षेत्र को और बढ़ाने के लिए सरकार ने डेवलपर्स और बायर्स दोनो को इनकम टैक्स में छूट देने की घोषणा की है। सरकार के इस कदम से रियल स्टेट क्षेत्र को बूस्ट मिल सकता है।

तेजी से गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर भी सरकार की तरफ से सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। सरकार ने कहा कि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढेगी। कई एजेंसियों ने भी इसका दावा किया है कि जल्द ही भारत की GDP में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। अर्थव्यवस्था के लिहाज से देखा जाए तो करीब सभी क्षेत्रों में बढ़त देखने को मिल रही है लेकिन सबसे अधिक बैंक में 5.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गयी है। GST कलेक्शन में भी करीब 10 फीसदी की बढ़ते देखने को मिल रही है। कोविड के गिरते आंकड़ों के साथ ही शेयर मार्केट में रिकार्ड तेजी दर्ज की गयी है।

लॉकडाउन में पलायन करने वाले मज़दूरों की संख्या काफी ज्यादा थी और सबसे ज्यादा उन्हे ही परेशानी झेलनी पड़ी थी जिसको ध्यान में रखते हुए सरकार एक नया पोर्टल लांच करने वाली है। इसके साथ ही सरकार ने एक देश एक राशन कार्ड योजना का भी ऐलान कर दिया। अब हर किसी के पास सिर्फ एक राशनकार्ड होगा। सरकार की तरफ से निर्मला सीतारमण ने कहा कि पलायन करने वाले मज़दूरों को इससे लाभ मिलेगा और वह जहां भी नौकरी के लिए जायेंगे वहां से राशन आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

सरकार की तरफ से किसानों को भी राहत देने की तैयारी की गयी है और खाद पर 65000 करोड़ की सब्सिडी देने की योजना है। कोविड में शहरों से पलायन हुए गरीब मज़दूरों को भी गांव में रोज़गार उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने मनरेगा में पीएम गरीब कल्याण योजना और पीएम सड़क योजना को जोड़ने की तैयारी की है। इसके साथ ही रोज़गार के लिए 10 हजार करोड़ रुपया और दिया जायेगा।

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