1971 युद्ध: लांस नायक राम उग्रह सिंह ने दुश्मन के तीन बंकरों को अकेले किया था ध्वस्थ

भारत पाकिस्तान के 1971 के युद्ध में देश के करीब 4 हजार जवान शहीद हुए थे और उनकी शहादत की वजह से ही हमें यह जीत हासिल हुई थी। युद्ध में लांस नायक राम उग्रह पांडेय का बलिदान भी सराहनीय योग्य है जिसके लिए उन्हे मरणोपरान्त महावीर चक्र प्रदान किया गया है। सन 1971 के बंग्लादेश युद्ध के समय 8 गार्ड सेक्शन के कमांडर के रुप में इन्हे जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। राम उग्रह पाडेय को पूर्वी पाकिस्तान के मूरापारा के पहाड़ी इलाके में भेजा गया था जहां बंकर बना कर पाकिस्तानी सेना फायरिंग कर रही थी। राम उग्रह ने तमाम मुश्किलों को सामना करते हुए बंकर तक का सफर तय कर लिया और देखा कि दुश्मन बंकर से भारतीय सेना को निशाना बना रहे है। पाकिस्तानी सेना के पास बड़ी मात्रा में मशीनगन, तोप और गोलाबारूद मौजूद था। 
लांस नायक राम उग्रह पांडेय ने हालात को भांप लिया और यह निश्चय किया कि बंकर पर हमला जरुरी है वरना युद्ध के परिणाम भारत के खिलाफ भी हो सकते है। लांस नायक खुद की परवाह ना करते हुए हैंड ग्रेनेड के साथ दुश्मन के बंकर की तरफ बढ़ने लगे और बंकर के पास जाकर दो बंकरों और दुश्मनों को एक साथ खत्म कर दिया उन्होने तीसरे बंकर को भी रॉकेट लांचर से नस्तेनाबूत कर दिया जिससे दुश्मन को बड़ा नुकसान हुआ लेकिन इसी बीच दुश्मन की गोली ने लांस नायक के सीने में आ लगी और वह वीरगति को प्राप्त हो गये। 
 
 
लांस नायक राम उग्रह पांडेय का जन्म 1 जुलाई 1942 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में हुआ था उन्हे बचपन से ही सेना में भर्ती होने का मन था और वह सन 1962 में भारतीय सेना में शामिल हो गये। पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में उन्होने जिस वीरता का परिचय दिया उस पर देश को आज भी गर्व है। भारत सरकार की तरफ से लांस नायक राम उग्रह पांडेय को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। 

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