संघ के विचारक माधव गोविंद वैद्य का निधन, कोरोना से भी थे संक्रमित

राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के विचारक माधव गोविंद वैद्य का शनिवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। माधव गोविंद वैद्य के पोते विष्णु वैद्य ने इसकी जानकारी दी और बताया कि वह कोरोना से संक्रमित थे लेकिन इलाज के बाद वह पूरी तरह से ठीक हो गये और घर पर थे। शुक्रवार को अचानक से उनकी तबियत बिगड़ने लगी जिसके बाद उन्हे नागपुर के स्पंदन अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के बाद शनिवार दोपहर 3.35 बजे उनका निधन हो गया। एमजी वैद्य का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान पर रखा गया है। रविवार को अंतिम संस्कार नागपुर में किया जायेगा। 
 
माधव गोविंद वैद्य ने 97 वर्ष की उम्र में अंतिम सास ली। उनके परिवार में पत्नी, 3 बेटियां और 5 बेटे है। वैद्य जी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के पहले आधिकारिक प्रवक्ता थे उनके निधन पर नीतिन गडकरी ने शोक व्यक्त किया और संघ में उनके योगदान का भी बखान किया है।  
 
एमजी वैद्य जी ने आरएसएस में कई सालों तक प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभायी थी और संघ की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने का काम किया था। उनके निधन पर संघ परिवार में भी दुख की लहर देखी जा रही है और सभी लोग उन्हे श्रद्धांजली अर्पित कर रहे है। एमजी वैद्य को अपनी बेबाकी के लिए जाना जाता था इसका एक उदाहरण यह भी है कि उन्होने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार पर भी सवाल उठाया था। वैद्य जी एक कालेज में संस्कृत के लेक्चरर भी थे। 

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