योगी का पेपरलेस बजट: 5 लाख रुपये की होगी बचत

केंद्र सरकार के बजट को लेकर पूरे देश में चर्चा जोरों पर है कोई इसे देशहित में बता रहा है तो कोई इसे किसान विरोधी बता रहा है हालांकि यह तो सबकी अपनी अपनी राय है लेकिन इस दौरान अगर काबिलेतारीफ कोई मुद्दा है तो वह है पेपरलेस बजट। मोदी कैबिनेट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बिना पेपर वाला बजट पेश किया यानी कि इस बार पूरा बजट इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट पर पढ़ा गया और इसकी सॉफ्ट कॉपी भी सभी को मेल के माध्यम से भेज दी गयी जबकि इससे पहले यह पूरा बजट हजारों पेज में छपता था और उसे मीडिया और सरकारी संस्थानों में सभी को बांटा जाता था जिससे सरकार पर लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च आता था। 
 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पेपरलेस बजट की हर तरफ तारीफ हो रही है और कई राज्य सरकारें भी इससे प्रेरित होकर इसका अनुसरण कर रही है। पेपरलेस बजट की लिस्ट में दूसरा नाम उत्तर प्रदेश का होने वाला है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस तरफ तेजी से काम करना शुरु कर दिया है। पेपरलेस बजट को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की बैठक भी हो चुकी है और टैबलेट खरीदने के निर्देश भी दिये जा चुके है।  
 
कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि अब उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से पेपरलेस काम करने की तैयारी में है। सरकारी संस्थानों को भी अब इलेक्ट्रानिक गैजेट के माध्यम से काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार के इस कदम से ना सिर्फ काम में पारदर्शिता आयेगी बल्कि कागज का पैसा बचेगा और पेड़ भी सुरक्षित रहेंगे। इतना ही नहीं लोगों का काम भी अब सरकारी ऑफिस में जल्द पूरा किया जायेगा क्योंकि फाइलों को एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास भेजने का समय बचेगा और अगर कोई अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं है तो भी वह कहीं से काम कर सकता है। 
योगी सरकार के पेपरलेस बजट से करीब 5 लाख रुपये तक बचत होने का अनुमान है और इसके साथ ही पर्यावरण को भी बचाने में मदद मिलेगी। पेपरलेस बजट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल सत्र से पहले तक सभी विधायकों को टैबलेट देने का निर्देश दिया है। योगी सरकार अब कैबिनेट की कार्रवाही को भी पेपरलेस करने जा रही है और इसके लिए जरुरी ट्रेनिंग भी पूरी कर ली गयी है। सरकार की तरफ से विधायकों को भी इसकी ट्रेनिंग दी गयी है और बाकी की ट्रेनिंग बाद में दी जायेगी। सरकारी कामों को ज्यादातर ऑनलाइन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कह दिया है कि आगामी कैबिनेट की बैठक ई-कैबिनेट व्यवस्था के साथ होगी।
 
कोरोना की मजबूरी ने सभी को ऑनलाइन काम करना सिखा दिया वह चाहे सरकारी कर्मचारी हो या फिर प्राइवेट। इस पर पीएम मोदी की एक लाइन याद आती है उन्होने कोरोना काल के दौरान कहा था कि हमें इस आपदा को अवसर में बदलना है जो अब सही साबित होता दिख रहा है। कोरोना काल में मजबूरी में शुरु हुआ काम अब हमारे लिए सही साबित हो रहा है। हमने देश के अंदर वह तमाम चीजें बनानी शुरु कर दी जो कभी दूसरे देशों से निर्यात की जाती थी। कोरोना काल से शुरु हुई ऑनलाइन शिक्षा अब तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी को इससे फायदा हो रहा है। तमाम कंपनियां अब अपने कर्मचारी को हमेशा के लिए घर से काम करने के लिए कह चुकी है इससे कंपनियों के ऑफिस का खर्च बच रहा है और कर्मचारी को भी रोज रोज की भाग दौड़ ले छुट्टी मिल जा रही है और वह अपने परिवार के साथ हमेशा रह कर काम कर रहा है। 

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