कुंभ: स्वयंसेवकों की मदद से चल रहा हरिद्वार प्रशासन, 3 दिन के लिए अतिरिक्त 100 स्वयंसेवकों की मांग

हरिद्वार कुंभ में पूरे देश से लाखों लोगों की भीड़ हर दिन पहुंच रही है और वहां से निकल भी रही है। स्थानीय प्रशासन पूरी मजबूती से इस भीड़ को नियंत्रित कर रहा है ताकि किसी भी अनहोनी को होने से रोका जा सके लेकिन इन सब के बीच एक खास बात यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ कार्यकर्ता भी हरिद्वार प्रशासन को मदद कर रहे है। कुंभ क्षेत्र में 1500 से अधिक स्वयंसेवक शहर के यातायात को नियंत्रित करने में पुलिस की मदद कर रहे है। कुंभ यातायात के लिए स्वयंसेवक करीब 45 स्थानों पर पुलिस को सहयोग कर रहे है। स्वंयसेवकों की इस सेवा को देखते हुए हरिद्वार के साथ साथ बाहर के लोग भी उसकी प्रशंसा कर रहे है क्योंकि कुंभ मेले में पूरे देश से लोग स्नान करने आ रहे है।

कुंभ में स्वयंसेवकों की मेहनत और कार्य निष्ठा को देखते हुए लोगों का संघ के प्रति सम्मान बढ़ता जा रहा है साथ ही लोग इससे प्रेरित भी हो रहे है और उनके मन में भी यह भाव पैदा हो रहा है कि उन्हे भी इस तरह से सेवा करनी चाहिए। हरिद्वार कुंभ में पुलिस और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्वयंसेवक अपना सहयोग दे रहे है। कुछ स्थानों पर तो ऐसे भी उदाहरण देखने को मिल रहे है जहां पुलिस से पहले स्वयंसेवक उपस्थित हो जाते है और अपना सेवाकार्य शुरू कर दे रहे है। कुंभ में सेवा कार्य करने वाले सभी स्वयंसेवक स्थानीय है। इन लोगों के ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था भी खुद स्वयंसेवक कर रहे है हालांकि स्वयंसेवकों के कार्यों को देखते हुए अब तमाम स्थानीय दुकानदार और सम्पन्न लोग स्वयंसेवकों के लिए जलपान और खाने पीने की व्यवस्था कर रहे है।

संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने संघ के विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग संघ पर सवाल उठाते हैं और यह पूछते है कि संघ क्या करता है तो उन लोगों को हरिद्वार आकर यह देखना चाहिए कि संघ यहां किस तरह से प्रशासन का सहयोग कर रहा है। प्रचार प्रमुख ने कहा कि हरिद्वार आकर यह देखा जा सकता है कि संघ किस तरह से व्यक्ति का निर्माण करता है और वह व्यक्ति हमेशा देश, समाज और धर्म के प्रति त्याग व बलिदान के लिए तैयार रहता है। क्षेत्र के शारीरिक शिक्षण प्रमुख नरेश कुमार ने बताया कि पूरे कुंभ क्षेत्र में 1500 से अधिक स्वयंसेवक सेवा कार्य में लगे हुए है और यह हरिद्वार के अलावा रुड़की, भगवानपुर और ऋषिकेश में भी प्रशासन की मदद कर रहे है। स्थानीय प्रशासन ने अगले तीन दिन के लिए और 100 स्वयंसेवकों की मांग की है जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। अतिरिक्त कार्यकर्ताओं की मांग को देखते हुए ग्रामीण इलाकों के कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।

हरिद्वार कुंभ में स्वयंसेवकों की सेवा तो काबिले तारीफ है लेकिन अगर बाकी पूर्ववर्ती सेवाओं का जिक्र करें तो यह कुछ भी नहीं है। स्वयंसेवकों ने बाढ़ और भूकंप जैसे माहौल में भी काम किया और लोगों को अपनी सेवा दी है। गुजरात के कच्छ का भूकंप, दक्षिण भारत और नेपाल की बाढ़ के दौरान भी स्वयंसेवकों ने अपनी सेवा से एक नई मिसाल बना दी थी जिसे शायद कभी भी खत्म नहीं किया जा सकता है। संघ लगातार समाज और देश की सेवा के लिए तत्पर रहता है लेकिन फिर भी समाज के कुछ घटक इसकी निंदा करने से बाज नहीं आते है ऐसे में अब उन लोगों को एक बार यह जरूर सोचना चाहिए कि समाज और देश का हित करने वाला कभी किसी का बुरा नहीं कर सकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक हमेशा से लोगों और देश के लिए खड़ा रहा है। कुछ राजनीतिक मजबूरियों की वजह से नेता इसकी निंदा करते है लेकिन यह बात उन्हे भी भलिभांति पता है कि संघ किसी का भी विरोधी नहीं रहा है और वह हमेशा से लोगों की मदद करता है।

हाल के लॉकडाउन की बात करें तो इस दौरान संघ ने बड़ी भूमिका अदा की थी और तमाम उन लोगों को भोजन मुहैया कराया था जिनके पास एक समय का भी राशन उपलब्ध नहीं था। संघ की तरफ से एक नंबर भी लोगों को दिया गया था जिसके द्वारा लोग संघ से संपर्क कर रहे थे। देश और इतिहास के पास ऐसे तमाम उदाहरण मौजूद है जहां संघ के कार्यों से परिवर्तन हुआ है और लोग इससे प्रेरित भी हुए है शायद यही वजह है कि संघ लगातार बढ़ता जा रहा है और उसके स्वयंसेवकों की संख्या में अपार वृद्धि हो रही है।

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