जम्मू कश्मीर से 1990 का हिन्दू विस्थापन आखिरी विस्थापन होगा: दत्तात्रेय होसबाले

जम्मू कश्मीर से हिन्दुओं का विस्थापन किसी से भी छिपा नहीं है और आज भी समय समय पर उस पर चर्चा होती रहती है। एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने घाटी के हिन्दुओं का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीरी हिन्दुओं का त्याग और बलिदान कभी भी बेकार नहीं जायेगा। हमारी आने वाली पीढ़ियां धर्म के लिए दिये गये त्याग को एक मिसाल के रुप में देखेंगी। दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि कहा कि टीका लाल टपलू जी, जस्टिस नीलकंठ जी, सरला भट्ट और प्रेम नाथ भट्ट जैसे तमाम लोगों को भीड़ ने अपना शिकार बनाया जबकि इनकी सिर्फ एक गलती थी कि यह लोग कश्मीरी हिन्दू थे। 
 
संघ सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी ने गुरु तेग बहादुर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होने भी अपना बलिदान सिर्फ कश्मीरी हिन्दुओं को बचाने के लिए किया था। गुरु तेग बहादुर के बलिदान से यह बात समझ में आती है कि सैकड़ों वर्षों से कश्मीर से हिन्दुओं को हटाने की कोशिश जारी थी लेकिन कुछ वीर योद्धाओं के बलिदान की वजह से ही यह आज तक बचे रहे। जम्मू कश्मीर से विस्थापन के बाद भी अभी भी कुछ हिन्दू बचे हुए है और दत्तात्रेय जी के मुताबिक यह हिन्दुओं का आखिरी विस्थापन होगा। सन 1990 में हिन्दुओं का सातवां विस्थापन था और अब यही आखिरी भी होगा। 
 
इस कार्यक्रम के दौरान दत्तात्रेय जी ने कश्मीरी हिन्दुओं का हौसला बढ़ाया और उन्होंने यहूदियों और तिब्बतियों का उदाहरण दिया उन्होंने कहा कि इजराइल से कुछ समय पहले यहूदियों को भगा दिया गया था लेकिन उन्होंने फैसला किया था कि वह अगल ईस्टर इजराइल में ही मनाएंगे इसके लिए उनकी हर पीढ़ी ने संघर्ष किया और आखिरकार वह सफल हुए। चीन की गलत नीतियों की वजह से तिब्बतियों को भगाया जा रहा है लेकिन वह इसका विरोध कर रहे है और संघर्ष भी कर रहे है जिससे एक दिन उन्हे तिब्बत जरुर हासिल होगा। दत्तात्रेय जी ने कश्मीरी हिन्दुओं को यह समझा दिया कि अभी तक जो उनके साथ हुआ वह फिर कभी नहीं होगा और उन्होंने धर्म और समाज के नाम पर जो बलिदान दिया है उसे भविष्य में याद किया जायेगा। 

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