वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की एक झलक

भारत और जापान की दोस्ती की मिसाल वाराणसी का रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इसका उद्घाटन किया और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इस रुद्राक्ष भवन को वाराणसी की जनता को सौंप दिया।

दिसंबर 2015 में जब जापान के राष्ट्रपति शिंजो आबे अपनी बनारस यात्रा पर आये थे तभी भारत और जापान के बीच इस अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष को लेकर करार हुआ था। इस सेंटर के बनने के बाद से अब वाराणसी में सांस्कृतिक और प्रवासी भारतीय दिवस जैसे कार्यक्रमों के लिए जगह की कमी नहीं होगी। इसके साथ ही प्रदर्शनी, मेला, सरकारी कार्यक्रम और पर्यटन के लिए भी यह अच्छा विकल्प होगा।

वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की एक झलक
रुद्राक्ष भवन
इस सेंटर के ऊपरी भाग को शिवलिंग के आकार में निर्मित किया गया है जिसे ऊपर से देखने पर शिवलिंग की आकृति प्रतीत होती है। रुद्राक्ष परिसर के बाहरी भाग में कुल 108 रुद्राक्ष बनाये गये हैं जो एलम्यूनियम के बने हुए है।

वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की एक झलक

जापान की कंपनी ने इसे बनाया है इसलिए यहां पर जापानी तकनीक के गार्डन लैंडस्कैपिंग की भी व्यवस्था की गयी है। इस सेंटर में एक साथ कुल 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है जिसमें एसी और नान एसी दोनों ही शामिल है। इसके अलावा 150 लोगों की क्षमता वाला एक मीटिंग रूम, एक वीआईपी रूम और 4 ग्रीन रूम शामिल है। VIP लोगों को जाने के लिए अलग से रास्ता भी बनाया गया है जो सीधे उन्हें उनके रूम तक ले जाता है।

वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की एक झलक
वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की एक झलक

भवन परिसर में पार्किंग, सीसीटीवी, लाइट और सौर ऊर्जा की भी व्यवस्था की गयी है। भवन के बाहरी भाग में स्टील के 108 रुद्राक्ष भी लगाए गये है जो भवन की शोभा बढ़ाते है।

वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की एक झलक

तीन एकड़ में बनकर तैयार हुए इस रुद्राक्ष भवन पर 186 करोड़ की लागत आयी है। भवन में आने वाले दिव्यांगजनों का भी विशेष ध्यान रखा गया है और उसी के अनुरूप निर्माण कराया गया है।

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