प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन एवं उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात भारत अमेरिकी संबंधों की नियति की झलक

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यह बताने की आवश्यकता नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा  पर संपूर्ण दुनिया की नजर थी । संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के साथ  अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन तथा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ द्विपक्षीय मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित था। क्वाड का भी पहला…

पीएम मोदी अमेरिका में किस किस के साथ करेंगे बैठक?

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  इस बात में कोई संदेश नहीं है कि जब से नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला है तब से विश्व में भारत नाम उपर उठा है और भारत अपनी विदेश नीति के चलते बाकी देशों के करीब आया है। भारत को सभी देश अब प्रमुख देशों की लिस्ट…

जयंती विशेष: लक्ष्मणराव इनामदार से नरेंद्र मोदी को क्यों है इतना लगाव?

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संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक उन्हें 'वकील साहब' के नाम से जानता था जबकि संघ के बाहर के लोग उन्हें लक्ष्मणराव इनामदार के नाम से जानते थे। वह बहुत ही सरल जीवन व्यतीत करते थे और पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया था, वैसे तो उन्होंने बहुत सारे स्वयंसेवकों…

पीएम मोदी के जन्मदिन पर ऐसा उपहार !

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देश के प्रधानमंत्री ने 17 सितंबर को अपना 71वां जन्मदिन मनाया लेकिन यह बाकी जन्मदिन से बिल्कुल अलग था। हम अपने जन्मदिन पर केक काटते हैं और दोस्तों व परिवार के साथ पार्टी करते है जबकि पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर ऐसा कुछ भी नहीं किया। उन्होंने अपना जन्मदिन…

भारतीय राजनीति में नरेंद्र “मोदी” होने के मायने

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भारत 'नवनिर्माण' की अमृत बेला से गुजर रहा है। 'अंत्योदय' के दर्शन में विकास को ढाल कर 'राष्ट्रोदय' की स्वर्णिम संकल्पना को साकार करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस युगांतरकारी 'नव निर्माण' के वास्तुकार हैं। वंचितों, शोषितों, उपेक्षितों, उपहासितों, किसानों और महिलाओं के सर्वांगीण उत्थान को समर्पित यह  'निर्माण प्रक्रिया' भारत…

चुनौतियों से भरा जीवन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जन्मदिन की शुभकामनाएं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन बहुत ही संघर्षों के बीच गुजरा है और अब भी शायद कुछ ऐसा ही बीत रहा है हालांकि उन्होने जो मुकाम हासिल किया है वह आम लोगों के बस की बात नहीं है उसके लिए एक विशेष संघर्ष की ही जरूरत होती है। बेहद साधारण परिवार से…

हिंदुत्व के खिलाफ बैठक करने वाले हिंदुत्व से अज्ञान, यह कोई सामान नहीं जिसे खत्म किया जा सके

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डिस्मेंटल (Dismantle) का अर्थ होता है किसी भी चीज को तोड़ना या ध्वस्त करना लेकिन किसी धर्म के लिए आप का डिस्मेंटल से अर्थ क्या हो सकता है जी हां हम बात कर रहे हैं हाल ही में अमेरिका में हुए डिस्मेंटल ग्लोबल हिन्दुत्व (Dismantle global hindutva) के बारे में जहां…

भाजपा में मुख्यमंत्री बदलने के मायने

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गुजरात के मुख्यमंत्री पद से विजय रूपाणी के अचानक इस्तीफा ने पूरे देश को चौंकाया है। इसके पहले कभी नहीं देखा गया कि एक मुख्यमंत्री दोपहर में प्रधानमंत्री के साथ कार्यक्रम में रहता हो और शाम को पत्रकारों के सामने आकर यह कहे कि मैंने पद से इस्तीफा दे दिया…

कचरे से कंचन बन रहा मछदी गांव।

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प्रधानमंत्री मोदी ने 29 सितंबर को की मन की बात में सुखेत मॉडल की चर्चा - बिहार के मधुबनी जिले की सुखेत पंचायत का मछदी गांव व पंचायत स्थित कृषि विज्ञान केंद्र देश भर में सुर्खियों में आ गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 29 सितंबर को मन की बात…

तालिबान और भारत के तथाकथित सेक्युलर

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कल्पना कीजिए अगर किसी हिन्दू संगठन ने ऐसा किया होता तो देश के सेक्युलर बुद्धिजीवियों ने कैसा रुदन मचा दिया होता? आज इन बुद्धिजीवियों और तुष्टिकरण की राजनीति के झंडावरदारों को अफगानी महिलाओं और बच्चों पर हो रहा बर्बर अत्याचार नजर नहीं आ रहा है क्योंकि वहां उनकी सेलेक्टिव सेक्युलरिज्म की थ्योरी फिट बैठती है।

अफगानिस्तान की हलचल का भारत पर प्रभाव

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अफगानिस्तान में तालिबान का वर्चस्व स्थापित हो चुका है। राष्ट्रपति अशरफ गनी, उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और उनके सहयोगी देश छोड़कर चले गए हैं।

भारत को बचना होगा तालिबानी सोच से

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अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों में भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ अफगानिस्तान के लोग शरणार्थी बनकर जा सकते हैं। क्योंकि पाकिस्तान की हालत किसी से छुपी नही है और चीन सांस्कृतिक दृष्टि से और सीमाओं की दूरी की दृष्टि से अफगानिस्तान से इतना दूर है कि वहां जाना अफगानिस्तान के लोगों को नहीं सुहाएगा। ऐसे में उन्हें भारत आना ही सबसे आसान लगेगा।

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