नारेबाजी करने वाले कौन लोग थे ?

देश की राजनीति में अल्पसंख्यकों को लेकर एक अलग ही प्रेम देखने को मिलता है जबकि उनके वोट भी बाकी वोटों के बराबर ही होते है। अल्पसंख्यकों का हमदर्द बनने की एक रेस की चल रही है कि अगर कहीं पर भी उनका नाम आता है तो उनकी मदद के लिए सभी दौड़ पड़ते है। हालिया मामला दिल्ली का हैं जहां मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नारे बाजी की गयी जो पूर्ण रूप से लगत है और हम भी इसकी निंदा करते है लेकिन सवाल यह है कि इसकी जांच इतनी तेजी से हो रही है कि अभी तक बिना कुछ साफ हुए ही करीब 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। बीजेपी पर यह आरोप लगता है कि वह अल्पसंख्यकों के खिलाफ है लेकिन यह सब केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में हो रहा है जहां केंद्र से आदेश पर पुलिस काम करती है।  
 
 
बीजेपी के नेता अश्विनी उपाध्याय खुद इस केस में फंस गये है क्योंकि यह पूरा मामला उनसे ही जोड़ कर देखा जा रहा है जबकि उपाध्याय की तरफ से यह साफ किया गया है कि उनका इस नारेबाजी में कोई हाथ नहीं है। जिस कार्यक्रम में यह नारे लगे उसमें वह बतौर अतिथि जरुर थे और उनके निकलने के बाद ही यह सब हुआ लेकिन फिलहाल दिल्ली पुलिस यह सब सुनने को तैयार नहीं है और वह अभी तक अश्विनी उपाध्याय सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अश्विनी उपाध्याय सहित सभी लोगों से मंगलवार को कई घंटों तक पूछताछ की गयी हालांकि अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है फिर भी वह पुलिस के बुलाने पर जाएगें। 
 
दरअसल 8 अगस्त 1942 को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी। एक निजी संस्था द्वारा 8 अगस्त को इसकी 74वीं वर्षगांठ जंतर मंतर पर मनाई जा रही थी जहां संगठन के पदाधिकारी और अश्विनी उपाध्याय मौजूद थे। इस कार्यक्रम के दौरान यह कहा गया कि सरकार को सभी अंग्रेजी कानून खत्म कर देने चाहिए। अनुमान के मुताबिक भीड़ ज्यादा इकट्ठा हुई और फिर वहां पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नारेबाजी होने लगी लेकिन यह नारेबाजी करने वाले शरारती तत्व कहां से आये या फिर किस के कहने पर उन्होंने नारेबाजी की इसकी जांच पुलिस कर रही है लेकिन बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि उनको इस केस में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय के अलावा दीपक सिंह, विनोद शर्मा, विनीत क्रांति, दीपक और प्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। प्रीत सिंह ही इस निजी फाउंडेशन के फाउंडर है जिसके बैनर तले ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ कार्यक्रम किया गया था।   
शायद यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नारेबाजी हुई होगी इससे पहले भी अलग अलग समुदाय के खिलाफ नारेबाजी हुई है लेकिन पुलिस का एक्शन कभी भी इतना तेज नहीं रहा है। कुछ ऐसे भी नेता है जिन्होने खुलेआम हिन्दुओं को मारने की बात कही है। ’20 मिनट में हिंदुस्तान से हिंदुओं को खत्म कर देंगे’ ऐसी भी लाइन किसी नेता द्वारा कही गयी थी लेकिन दुर्भाग्य वह नेता आज विधानसभा में बैठता है।    

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