कृषि कानून वापस लेने की क्या है रणनीति ?

अगले कुछ ही महीनों में 5 राज्यों में चुनाव होने वाले है, इस बात में कोई संदेह नहीं है की विपक्ष और फर्जी आंदोलनजीवियो ने पिछले एक साल में किसानों को भ्रमित करने के लिए पूरा जोर लगा दिया, और अपने षड्यंत्र में कुछ हद तक पंजाब में सफल भी होते दिखे! 5 राज्यों में चुनाव है और पंजाब जीतना तो बहुत जरूरी है क्योंकि वहां खालिस्तानी किसान आंदोलन की आड़ में आम जनता, युवाओं को बरगला रहे है, उनके मन में राष्ट्र, भाजपा और मोदी के खिलाफ नफरत का बीज बो रहे हैं!
मोदी सरकार का यह निर्णय एक सोचा समझा निर्णय है, विपक्ष ने विदेशी ताकतों के साथ मिलकर पूरा जोर लगा दिया और मोदीजी ने एक ही सेकंड में वक्त बदल दिया, जज्बात बदल दिए, जिंदगी बदल दी! हमारे साथ साथ विपक्ष ने भी यही सोचा था कि मोदी सरकार कभी पीछे नहीं हटेगी, और इसका फायदा उसे चुनावों में मिलेगा!
पंजाब में कैप्टन के साथ मिलकर भाजपा ये चुनाव में जायेगी और जीतेगी, पंजाब को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है! दूसरी बात इस आंदोलन की आड़ में जितने भी खालिस्तानी देशद्रोही थे, उन्हें चिन्हित करके कार्यवाही भी हो रही है! कल या परसो ही NIA ने 5 खालिस्तानियों के खिलाफ केस दर्ज किया है! इसके अलावा कृषि कानून वापस लेने का और कोई कारण नहीं होगा ! हां इससे इन आंदोलनजीवियों का मनोबल जरूर बढ़ेगा, परंतु इस मास्टरस्ट्रोक ने विपक्ष से चुनावी मुद्दा तो छीन ही लिया!

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