किस राजनीतिक दल से किसान आंदोलन को मिल रहा फंड?

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केंद्र सरकार के कृषि बिल के बाद से किसानों को आंदोलन शुरू हुआ और इसे करीब 9 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी तक आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है जबकि सरकार और किसानों के बीच में 2 दर्जन से अधिक बार बैठक हो चुकी है फिर…

मुंशी प्रेमचंद की गाय बनाम राष्ट्रीय पशु

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गौकशी के एक मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि गाय भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग है, अतएव इसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। न्यायालय ने जावेद नामक व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। जावेद पर…

कचरे से कंचन बन रहा मछदी गांव।

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प्रधानमंत्री मोदी ने 29 सितंबर को की मन की बात में सुखेत मॉडल की चर्चा - बिहार के मधुबनी जिले की सुखेत पंचायत का मछदी गांव व पंचायत स्थित कृषि विज्ञान केंद्र देश भर में सुर्खियों में आ गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 29 सितंबर को मन की बात…

सभी को साथ लेकर चलना है भारतीय संस्कृति- डॉ मनमोहन वैद्य

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हरियाणा के रोहतक में आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य ने कहा कि हरियाणा के युवकों के लिए कृषि लघु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे कृषि के नचारी शोधों का उपयोग किसान के विकास के लिए किया…

पूरे देश में शुरु होगा कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन, कांग्रेस देगी किसानों को समर्थन

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कृषि बिल से कोई नुकसान नहीं केंद्र सरकार की तरफ से किसान संबंधी तीन बिल दोनों सदनों में पास कर दिये गये है और प्रधानमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक सभी इस पर सफाई भी दे चुके है कि यह बिल किसी भी तरह से किसान विरोधी नहीं है। इस…

किसान बिल विरोध के बीच सरकार ने जारी की नई MSP

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सरकार ने जारी की नई MSP किसान बिल को लेकर सरकार और विपक्ष आमने सामने आ चुका है। सरकार ने बहुमत से बिल को दोनों सदनों में पास कर दिया है लेकिन विपक्ष  लगातार इसका विरोध कर रहा है। वहीं पूरे देश में भी इस बिल का विरोध बढ़ता जा…

आखिर क्यों हो रहा है कृषि बिल का विरोध ? NDA की एक मंत्री ने दिया पद से इस्तीफा

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कृषि बिल से एनडीए में फूट किसानों से से जुड़े दो बिल अब केंद्र सरकार के लिए मुसीबत बनने नजर आ रहे है क्योंकि इस बिल के लोक सभा में पारित होने के बाद एनडीए गठबंधन में ही फूट नजर आ रही है। एनडीए गठबंधन की कई पार्टियों ने इस…

सिक्किम में जैविक खेती एक भुलावा

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जैविक खेती के प्रति अति मोह और राजनीतिक स्टंटबाजी के कारण सिक्किम में अनाज उत्पादन बहुत तेजी से घटता चला गया। राज्य को दूसरे राज्यों से बड़े पैमाने पर अनाज लाना पड़ता है। बढ़ती आबादी के संदर्भ में इस स्थिति पर गौर और पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

खेती पर बल, केंद्र में किसान

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कृषि व संबद्ध क्षेत्रों को लेकर मोदी सरकार की पूरी कोशिश यही है कि किसान परेशान नहीं रहे। इसीको ध्यान में रखते हुए आम बजट 2018-19 के केंद्रबिंदु में किसानों को रखा गया। इरादा है सन 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना।

खेती का सच

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वर्तमान समय में भारतीय कृषि हरित क्रांति के समय की अपेक्षा ढांचागत स्तर पर अलग तथा मजबूत है। यहां कुछ ऐसा है जो हमें भारतीय कृषि के प्रति आशान्वित करता है। जर्मनी की राजनीतिक विज्ञानी एलिजाबेथ नेवेल नुमानन ने ‘चुप्पी का वर्तुल‘ नामक सिद्धांत पेश किया है, जिसका माने है…

प्रकृति के अनुपम सौंदर्य से लदा असम

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पूर्वोत्तर भारत प्रकृति के सौंदर्य से इतना लदाबदा है कि मन के कैनवास से वह चित्र कभी नहीं मिटेगा। पूर्वोत्तर के ये आठ राज्य हैं- असम, मेघालय, अरुणाचल, मणिपुर, नगालैण्ड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम। हर राज्य की अपनी संस्कृति, अपना पेहराव और अपनी बोली-भाषाएं और खानपान है। इतनी विविधता तो अन्य किसी भी देश में नहीं मिलेगी। भीड़-भाड़ से दूर और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पूर्वोत्तर पर्यटकों को खूब पसंद आ रहा है तो इसकी ठोस वजह भी है। पूर्वोत्तर राज्यों का परिवेश, मौसम और आत्मीयता पर्यटकों को आकर्षित कर लेती ह

आजादी के ७० साल और खेती

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  देश इस समय अधिक कृषि उत्पादन और किसानों की बदतर होती जा रही माली हालत से जूझ रहा है। उत्तर प्रदेश में भी इससे जुदा हालत नहीं है। जाहिर है कि निर्धारित मूल्यों पर निजी या सरकारी किसी भी क्षेत्र में किसानों की जिंसों के विक्रय के लिए ईमानदार ढांचे

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