राम मंदिर ट्रस्ट को मिला उम्मीद से अधिक दान

 

राम मंदिर निर्माण की जब शुरुआत हुई तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ‘निधि समर्पण’ की राशि हजार करोड़ का आंकड़ा पार कर जायेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से मंदिर के ट्रस्ट का गठन हुआ और फिर निर्माण की प्रक्रिया शुरु हुई। मंदिर ट्रस्ट ने सरकार या फिर किसी भी बड़े व्यापारी वर्ग से दान लेने से मना कर दिया और यह ऐलान किया गया कि राम सभी के भगवान है और सभी लोग इस मंदिर के लिए दान करेंगे और उसी राशि से मंदिर का निर्माण होगा लेकिन अब आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि करीब डेढ़ सालों में ‘निधि समर्पण राशि’ 5 हजार करोड़ से अधिक हो चुकी है। देश के हर नागरिक ने इसमें दान दिया और हक जताया कि भगवान राम पर उनका भी अधिकार है।    

 

राम मंदिर निर्माण का काम बहुत ही तेजी से चल रहा है और दिसंबर 2023 तक राम लला के दर्शन की भी बात ट्रस्ट की तरफ से कही जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के पास पैसे की कोई कमी नहीं है जब से ट्रस्ट ने सभी के लिए खाता खोला है उसमें दान करने वालों की लाइन लगी हुई है। कई लोग ऐसे भी हैं जो एक बार से ज्यादा दान कर रहे हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए दान का अधिक आना इस बात का प्रतीक है कि भगवान राम के प्रति सभी की गहरी आस्था है और सभी लोग भव्य राम मंदिर को देखना चाहते है। पिछले करीब डेढ़ साल से समर्पण निधि चालू है और यह राशि अब 5 हजार करोड़ के आकड़ें को पार कर गयी है जबकि रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर में कुल खर्च करीब 1 हजार करोड़ का ही होने वाला है। समर्पण निधि में अभी तक कथावाचक मोरारी बापू ने सबसे अधिक 11 करोड़ का दान किया है। 

मंदिर निर्माण के लिए इस साल 15 जनवरी से 27 फरवरी तक ‘निधि समर्पण अभियान’ चलाया गया था जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद सहित तमाम हिन्दू संगठनों ने भाग लिया और समर्पण राशि इकट्ठा करने में बड़ा सहयोग किया। ‘निधि समर्पण अभियान’ के दौरान कुल 3500 करोड़ की निधि इकट्ठा हुई थी। हालांकि भक्तों के लिए बैंक खाते खुले रहे और लोगों ने अपना सहयोग जारी रखा। इस समय कुल 5 हजार करोड़ से अधिक का दान राशि इक्ट्ठा हो चुकी है। पूरी दुनिया कोरोना काल में परेशान थी इसके बाद भी बहुत अच्छा दान राम मंदिर के नाम पर मिला। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक अभी कई और लोगों के दान आने बाकी है जिन्होंने देने का ऐलान किया है इसमें महावीर ट्रस्ट पटना की तरफ से 10 करोड़ दान का ऐलान किया गया है जिसमें से करीब 4 करोड़ की रकम प्राप्त हो चुकी है। 

शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की तरफ से भी राम मंदिर के लिए 1 करोड़ का दान दिया गया है। चैतन्य ट्रस्ट सेवा मुंबई की तरफ से एक करोड़, संघ कार्यकर्ता सियाराम की तरफ से भी करोड़ का दान दिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से भी 11 लाख का दान दिया गया है। अभी देश के उद्योगपतियों की तरफ से कोई दान नहीं लिया गया है और ना ही उनसे दान के लिए अपील की गयी है। इसके साथ ही विदेशी चंदे को भी नहीं लिया गया है। दरअसल किसी भी ट्रस्ट को विदेश से चंदा मंगाने के लिए कम से कम तीन साल की ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होती है जो अभी मंदिर ट्रस्ट के पास नहीं है। वहीं मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कहा गया है कि अभी उन्हें विदेशी चंदे की जरुरत नहीं है।  

राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद से मंदिर के चढ़ावे में बढ़ोत्तरी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले मंदिर के दानपात्र में 10-12 लाख का चढ़ावा आता था लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद यह बढ़कर करीब 30 लाख तक पहुंच गया लेकिन जैसे ही मंदिर का निर्माण शुरु हुआ यह दान बढ़कर 35 लाख तक पहुंच गया और हर महीने यह बढ़ता ही गया। बीते सितंबर माह में 76 लाख का दान मिला जबकि अक्टूबर माह में 82 लाख का दान लोगों ने अपने भगवान को भेंट किया।  

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