हिंदी विवेक : we work for better world...

वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली १ जुलाई से क्रांतिकारी परिवर्तन है और पूरे देश को एक बाजार बना रही है। लेकिन इसके लागू होने से पहले तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे और अब भी इसमें दरों तथा कीमतों को लेकर जबरदस्त संशय बरकरार है। तमाम वस्तुओं और सेवाओं के लिए कर की सर्वमान्य दर तय करना भी आसान काम नहीं था। जब कर की सूची निकाली गई तो तमाम उद्योगों और राज्यों ने विभिन्न वस्तुओं पर विरोध करना शुरू कर दिया और जीएसटी परिषद को कर की दरें संशोधित करने के लिए एक के बाद एक बैठकें करनी पड़ीं।

जीएसटी की दरों में संशोधन भी किया गया। लेकिन सरकार का ध्यान गरीबों और रोजमर्रा के सामान पर ही रहा। जिन वस्तुओं का प्रयोग गरीब जनता करती है या जिनका बड़े स्तर पर दैनिक प्रयोग है,उन्हें कर की कम से कम तपिश झेलनी पड़े,इसके पूरे इंतजाम किए गए हैं्। फिर भी बार-बार दरों में संशोधन के बाद कुछ भ्रम तो बाकी रह ही गया है। आइए हम आपको बताते हैं कि जीएसटी में आपके आम इस्तेमाल के किस सामान पर कितना कर लग रहा है और आपके लिए जीएसटी में क्या सस्ता हुआ है और क्या महंगाः-

खाना-सस्ता
जीएसटी में आम आदमी के लिए खाना-सस्ता हो रहा है क्योंकि केवल ब्रांडेड अनाज पर ही कर लग रहा है। अनब्रांडेड अनाज,गेहूं,चावल,आटे आदि को जीएसटी से छूट दी गई है। सस्ता इसीलिए होगा क्योंकि मांस,दूध,दही, पनीर, ताजी सब्जियों,शहद,गुड़,पापड़ आदि पर भी कर नहीं वसूला जा रहा है,जबकि पहले इन पर वैट लगता था। चीनी,खाद्य तेल,चाय,कॉफी पर भी पहले के मुकाबले कम कर है,जबकि ब्रेड और रस्क इससे मुक्त हैं।
कपड़े भी सस्ते
सभी तरह के कपड़े पर जीएसटी की दर ५ प्रतिशत रखी गई है। १,०००रुपये तक के रेडीमेड कपड़ों पर भी इतना ही कर देना है। पहले इन पर ७ प्रतिशत कर देना पड़ता था। जाहिर है अब जेब को राहत है। लेकिन १,०००रुपये से महंगे रेडीमेड कपड़ों पर १२ प्रतिशत कर है।
जूते-सस्ते
५०० रुपये से कम के जूते-पर ५प्रतिशत जीएसटी लग रहा है,जो पहले ९.५ प्रतिशत था यानी पहले ५०० रुपये के जूते पर करीब ४८ रुपये कर था,लेकिन अब २५ रुपये ही है। इससे महंगे जूते-चप्पलों पर १८ प्रतिशत कर है,जो पहले करीब २३ प्रतिशत था।
हेयर ऑयल,साबुन भी सस्ते
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले साबुन और हेयर ऑयल भी आपको सस्ते पड़ रहे हैं। इन पर अभी तक २८ प्रतिशत कर था,लेकिन १जुलाई से केवल १८ प्रतिशत कर वसूला जा रहा है।
आइसक्रीम सस्ती
प्रोसेस्ड फूड,कनफेक्शनरी उत्पाद और आइसक्रीम पर कर की दर १८ प्रतिशत तय हुई है,जो पहले २२ प्रतिशत थी। इस तरह १०० रुपये की आइसक्रीम पर कर में ४रुपये कम हो रहे हैं।
घर का सामान सस्ता
जीएसटी ने खाने-का सामान ही नहीं बल्कि खाना बनाने का सामान भी सस्ता कर दिया है। किचन के सामान पर पहले की तुलना में ११.५ प्रतिशत कम कर लग रहा है। इसके अलावा लाइट सस्ती हो रही है। जूट के गद्दे,चादरें,तकिये भी जीएसटी ने सस्ते कर दिए हैं।
स्मार्ट फोन सस्ता
स्मार्टफोन भी जीएसटी में सस्ता हो गया है। इस पर अभी १३.५ प्रतिशत कर लगता है.जीएसटी में इन पर १२ प्रतिशत कर लगाया जा रहा है। इस तरह ५००० रुपये के स्मार्टफोन पर अभी ६७५ रुपये टैक्स लगता था,अब केवल ६०० रुपये लग रहा है।
विमान यात्रा सस्ती
जीएसटी के लागू होते ही इकोनॉमी श्रेणी में विमान यात्रा सस्ती हो रही है। इस श्रेणी के किराये पर ५ प्रतिशत कर वसूला जा रहा है,जो पहले ६ प्रतिशत था। अलबत्ता बिजनेस श्रेणी में सफर महंगा हो गया है। इस पर १२ प्रतिशत कर लग रहा है,जो पहले ९ प्रतिशत ही था।
ऐप टैक्सी सेवा सस्ती
जीएसटी के तहत उबर और ओला जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों से टैक्सी की बुकिंग करना सस्ता हो गया है। इस तरह की सेवाएं ५ प्रतिशत कर की श्रेणी में आ रही हैं। पहले इनकी बुकिंग पर ६ प्रतिशत कर लगता था।
स्लीपर श्रेणी का टिकट सस्ता
यातायात पर ५ प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का निर्णय हुआ है। ट्रेन में सामान्य डिब्बे,स्लीपर और सामान्य बस में यात्रा करने पर अब भी कोई सेवा कर भी नहीं लगेगा। पहले स्लीपर श्रेणी के टिकट पर सेवा कर लगता था। एसी ट्रेन का सफर या एसी बसों में यात्रा पर ५ प्रतिशत सेवा कर देना होगा।
बाइक सस्ती
युवाओं को बाइक बहुत पसंद आती है। जीएसटी में ये सस्ती हो रही हैं। पहले इन पर २९ प्रतिशत के लगभग कर लगता था,लेकिन जीएसटी में यह १ प्रतिशत कम हो गया है। सुपरबाइक तो और भी सस्ती पड़ेंगी।
कार की कीमत महंगी
बाइक तो सस्ती हुई हैं,लेकिन जीएसटी में कार महंगी हो गई है। इसमें सभी प्रकार की कारों पर २८ प्रतिशत कर लगाया गया है। इसके बाद उपकर की मार भी है। छोटी कारों पर १ प्रतिशत और एसयूवी तथा लक्जरी कारों पर १५ प्रतिशत तक उपकर लगाया गया है। जाहिर है कार खरीदने के इच्छुकों को ज्यादा बोझ उठाना पड़ेगा।
रेस्तरां में खाना भी महंगा
रेस्तरां में खाने पर अब जेब ज्यादा कराह रही है। पहले खाने के पूरे बिल पर एकमुश्त ११ प्रतिशत वैट वसूला जाता था। जीएसटी में इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है। नॉन एसी रेस्तरां में खाने के बिल पर १२ प्रतिशत कर वसूला जा रहा है,जो पहले से १ प्रतिशत अधिक है। शराब के लाइसेंस वाले और एसी रेस्तरां में खाने पर १८ प्रतिशत कर देना पड़ रहा है,जो पहले की तुलना में ७ प्रतिशत अधिक है। यदि आप किसी पांच सितारा होटल के रेस्तरां या लक्जरी रेस्तरां में जाते हैं तो आपको २८ प्रतिशत कर देना होगा यानी आपकी जेब पर पूरे १७ प्रतिशत अधिक चोट लगेगी।

जीएसटी में सोने,कीमती धातुओं,गहनों और रत्नों पर ३प्रतिशत की दर से कर वसूला जा रहा है। उनके अलावा अन्य वस्तुओं या सेवाओं पर कर की दर ५से १२ प्रतिशत तक ही रखी गई है। रोजमर्रा में काम आने वाली कुछ खास वस्तुओं तथा प्रचलित उपयोगी सेवाओं पर जीएसटी की दरें इस प्रकार हैं:

  दर 

वस्तुएं / सेवाएं 

  ०% 

सभी अनाज, दाल, फल, सब्जियां, मांस, मछली, अंडे, दूध, दही, लस्सी, छाछ, खुला पनीर, छेना, खुला शहद, नारियल, गुड़, नमक, पान, मूड़ी, पोहा, पापड़, ब्रेड, पानी, नारियल पानी, तिरंगा, पूजा सामग्री, रेशम के कोकून, कच्चा रेशम, ऊन, खादी का धागा, गांधी टोपी, लाख, गोंद, चूड़ियां, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कागज, किताबें, अखबार, पत्रिकाएं, नक्शे, चार्ट, काजल, बच्चों की कलरिंग बुक, नकली बाल, झाड़ू, जूट, मेट्रो और लोकल ट्रेन के टिकट, धार्मिक यात्रा, बेहद सस्ते होटल, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, मिट्टी के बर्तन, दिये, हाथ के औजार 

  ५% 

 चाय, कॉफी, खाद्य तेल, डिब्बाबंद फल-सब्जी, ब्रांडेड अनाज, ब्रांडेड आटा, मैदा, बेसन, सूजी, काजू, किशमिश, माचिस, अगरबत्ती, इंसुलिन, रेशम का धागा, रेशमी कपड़ा, रेशे, कपड़ा, जरी, कढ़ाई, सस्ते कंबल, चादरें, तौलिये, पर्दे, नैपकिन, थैले, सस्ते जूते, बर्फ, बायोगैस, पतंग, चटाई, नॉन-एसी रेस्तरां, खेती की मशीनरी, सस्ते परिधान, ब्रांडेड पनीर, मसाले, पिज्जा ब्रेड, रस्क, साबूदाना, केरोसिन, दवाएं, स्टेंट, मिल्क पावडर, क्रीम, डाक टिकट 

  १२% 

 डिब्बाबंद सब्जी, डिब्बाबंद मांस, मक्खन, चीज, घी, पैकेज्ड किशमिश, जूस, नमकीन, भुजिया, अचार, केचप, सॉस, कॉपी, रेडीमेड कपड़े, नॉन-एसी होटल, रेस्तरां, करी पेस्ट, मेयोनेज, वड़ियां, नजर के चश्मे, कांटे, चम्मच, छुरी, कड़छी, चिमटे, डीजल इंजन, सिलाई मशीन, कंघे, पेन, पेंसिल, एलईडी लाइट, इलेक्ट्रिक वाहन, सेलफोन, तांबे, एल्युमीनियम के बर्तन, ताश के पत्ते, शतरंज, कैरम बोर्ड, लूडो, छतरी, मंजन 

  १८% 

बिस्कुट, फ्लेवर्ड चीनी, शुगर क्यूब, सूप, आइसक्रीम, मिनरल वाटर, टिश्यू, लिफाफे, कैमरे, स्पीकर, पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, पेस्ट्री, केक, एल्युमीनियम फॉयल, सिंथेटिक धागे, कंडेंस्ड मिल्क, कत्था, कृत्रिम शहद, कॉर्नफ्लेक्स, सुगंधित तेल, स्कूल बैग, महंगे जूते, बेंत का फर्नीचर, एल्युमीनियम फॉयल, सस्ते होटल, एसी रेस्तरां, सिनेमा के सस्ते टिकट, सेट टॉप बॉक्स, कंप्यूटर प्रिंटर, १७ इंच तक मॉनिटर, यूपीएस, दूरसंचार सेवा, वित्तीय सेवा, ट्रैक्टर के पुर्जे  

  २८% 

  एसी होटल, महंगे सिनेमा टिकट, बीड़ी,पांच सितारा होटल, कार, बाइक, महंगी एसयूवी, बीड़ी, च्युइंगगम, शीरा, विशेष चॉकलेट, चॉकलेट वाले वेफर्स, पान मसाला, पेंट, डिऑडरेंट, शेविंग क्रीम, आफ्टर शेव, शैंपू, डाई, वॉलपेपर, सिरेमिक टाइल्स, वाटर हीटर, डिश वाशर, वजन तोलने की मशीन, निजी जेट 

शैंपू,कॉस्मेटिक्स महंगे
साबुन तो सस्ता है, लेकिन शैंपू, परफ्यूम और सौंदर्य प्रसाधन मंहगे हो गए हैं क्योंकि इन पर २८ प्रतिशत कर देना पड़ रहा है। अभी तक केवल २२ प्रतिशत कर लगता था।
मोबाइल बिल ज्यादा आएगा
दूरसंचार सेवाएं भी जीएसटी के अंतर्गत महंगी हो गई हैं। अभी तक इन पर १५ प्रतिशत कर लगता था। लेकिन सरकार ने इन्हें १८ प्रतिशत कर की श्रेणी में रखा है यानी इन पर ३प्रतिशत अधिक कर आपको देना होगा।
बीमा कवर महंगा
बीमा पॉलिसी लेना भी १जुलाई से महंगा हो गया है। जीएसटी परिषद ने इस पर भी १८ प्रतिशत का कर रखा है। अभी तक बीमा क्षेत्र पर सेवा कर और उपकर मिलाकर १५ प्रतिशत ही थे।
टूर पैकेज महंगा
जीएसटी लागू होने के बाद सैर-सपाटा थोड़ा मंहगा पड़ेगा। टूर एंड ट्रैवल पर १८ प्रतिशत की दर से कर वसूला जा रहा है। इससे पहले कर की दर केवल १५ प्रतिशत थी। इस तरह कर में ३ प्रतिशत का इजाफा हो गया है। इसे ऐसे समझिए। यदि कहीं जाने के लिए आप ५०,००० रुपये का टूर पैकेज बुक कराते हैं तो आपको पहले की तुलना में १,५०० रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे।
सोना,गहने होंगे मंहगे
जीएसटी लागू होने के बाद देश के ज्यादात्तर हिस्सों में सोना मंहगा हो रहा है। सोने पर जून तक १ प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगता था और राज्य भी १ प्रतिशत वैट वसूलते थे। लेकिन इस पर अब ३प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है।

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu