आत्मनिर्भरता से ही बनेगा नया भारत

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देश को सामाजिक, आर्थिक विकास एवं पारदर्शी और जवाबदेह शासन प्रदान करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है। आत्मनिर्भर भारत इस तरह नए भारत की ही संकल्पना है। मोदी जी के नेतृत्व में भारत के सतत विकास के पथ पर आगे बढ़ने और नई ऊंचाइयों को छूने की उम्मीद है।

कांग्रेस के लिये मुसीबत बनते चिदंबरम!

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चिदंबरम के विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी करना भी सीबीआई का आश्चर्यजनक कदम था ,परंतु सीबीआई को यह विकल्प चुनने के लिए दरअसल चिदंबरम ने ही विवश किया।

बड़े लक्ष्य और आम आदमी का सरोकार

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वर्तमान वर्ष के बजट में हमने जीडीपी में लम्बी छलांग लगाने समेत कई बड़े लक्ष्य रखे हैं। लेकिन आम आदमी के सरोकारों पर भी गौर करना होगा। यदि उसकी क्रय शक्ति न बढ़ी तो सारे प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे। हालांकि, मोदी सरकार के आत्मविश्वास की स्पष्ट झलक बजट में दिखाई देती है। 

देश को लूट लिया इन घोटालेबाजों ने

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जिस देश में बैंक का कर्ज चुका न पाने के कारण एक तरफ किसान आत्महत्या को बाध्य होते हों वहां बैंकों को हजारों करोड़ की चपत लगाने वाले पूंजीपति कानून को ठेंगा दिखाते हुए भोग-विलास कर रहे हों तो बात सोचने की हो जाती है। हर्षद मेहता, केतन पारेख से लेकर नीरव मोदी और मेहुल चोकसी तक ऐसे घोटालेबाजों की सूची पहुंचती है।

बैंकिंग क्षेत्र में सुधार लाने की पहल करता बजट

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मोदी सरकार बैंकिंग क्षेत्र में सुधार लाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। ...सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण हेतु पूंजी उपलब्ध कराने, आईबीसी के तहत वसूली में तेजी लाने और बैंकों के एकीकरण से बैंकों की सेहत में सुधार आएगा।

किसानों और नौकरी पेशा लोगों पर केंद्रित बजट

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अंतरिम बजट में किसानों को अधिकतम लाभ देने की कोशिश की गई है। मनरेगा के लिये 2019-20 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई है। मनरेगा का शुरू से ही रोजगार पैदा करने एवं देश के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री…

युवा उद्योगपति एवं भारत का महाशक्ति बनने का सपना

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भारत को महाशक्ति बनना है तो आने वाले 20 से 30 वर्षों तक एक निश्चित नीति के अतंर्गत काम करना होगा। सरकारी नेतृत्व और  राजनीतिक इच्छाशक्ति की इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षा नीति आमूल बदलनी होगी; ताकि राष्ट्र व राष्ट्रप्रेम से नई पीढ़ी ओतप्रोत रहे।

पर्यटन उद्योग के विकास में तेजी

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पर्यटन में साधनों के विकास के साथ तेजी से इजाफा हो रहा है। आज देश के जीडीपी में पर्यटन उद्योग की भागीदारी लगभग साढ़े नौ प्रतिशत है। इससे नए-नए रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। ‘उड़ान’ जैसी नई योजना के अंतर्गत देश के छोटे हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है, जिससे देश में आंतरिक हवाई सफर आम नागरिकों की पहुंच में आ गया है।

बैंकिंग क्षेत्र की विकास यात्रा-अतीत, वर्तमान एवं भविष्य

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भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की गौरवशाली परम्परा रही है; लेकिन वर्तमान में वह कठिन दौर से गुजर रहा है। सरकारी बैंकों में फंसे हुए कर्ज की समस्या विकराल है। डिजिटलाइजेशन के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। बैंकों के पास पूंजी की उपलब्धता घट गई है, जिसका अर्थव्यवस्था पर असर हो रहा है। सरकार ने बैंकों को उबारने के लिए इंद्रधनुष नाम से योजना बनाई है, लेकिन संकट कई गुना गहरा है।

७० साल में २० गुना वृद्धि

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1991 के बाद से देश आर्थिक सुधार की जिस राह पर आगे बढ़ा, उस पर संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल के अलावा उसकी दौड़ तेज ही रही। यही वजह है कि देश की आर्थिक विकास दर 1947 की तुलना में 20 गुना से भी अधिक हो गई है। इससे भारत विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

बुनियादी ढांचे की विकास यात्रा

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केंद्रीय बजट 2018 ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के प्रमुख माध्यम के रूप में बुनियादी ढांचा क्षेत्र की पहचान की है। बजट में आधारभूत संरचना प्रावधान जीडीपी में वृद्धि, कनेक्टिविटी को मजबूत करने, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सहकारी बैंकों का भविष्य अंधेरे में

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सहकारी बैंकों के प्रति सरकारों और राजनीतिक दलों का रवैया उदासीन दिखाई दे रहा है। यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही तो ये बैंक नाममात्र के लिए अस्तित्व में रह जाएंगे। यह सहकारिता और देश दोनों के लिए अच्छा नहीं होगा।

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