संक्रांति पूजा में कहीं कुछ छूट न जाए, जनिए मुहूर्त, पूजाविधि और तिल गुड़ का महत्व

Continue Reading संक्रांति पूजा में कहीं कुछ छूट न जाए, जनिए मुहूर्त, पूजाविधि और तिल गुड़ का महत्व

मकर संक्रांति का महत्व मकर संक्राति हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान और दान किया जाता है। इस त्यौहार का नाम मकर संक्रांति कैसे पड़ा है? दरअसल सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है और जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश…

सर्वोपरि है प्रयाग कुंभ की महत्ता

Continue Reading सर्वोपरि है प्रयाग कुंभ की महत्ता

  तीर्थराज प्रयाग में गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों ही नदियों का संगम है। इसके समान तीनों लोकों में न तो अभी तक कोई तीर्थ हुआ है और न ही होगा। इसकी अनेक विशेषताएं वेदों, पुराणों व महाभारत आदि ग्रंथों में बताई गई हैं। प्रयाग को प्रजापति की यज्ञभूमि

वृन्दावन में आयी फूल बंगलों की बहार

Continue Reading वृन्दावन में आयी फूल बंगलों की बहार

मन्दिर हो या कोई उत्सव अथवा शादी‡ब्याह, फूलों का श्रंगार हर जगह की शान है। श्रंगार में तरह‡तरह के फूलों का अलग‡अलग महत्व होता है। फूल श्रंगार में चार चांद लगा देते हैं।

ब्रज की होली

Continue Reading ब्रज की होली

ब्रज में होली की मस्ती में धुलेंडी से लेकर चैत्र कृष्ण दशमी तक जगह- जगह चरकुला नृत्य, हल नृत्य, हुक्का नृत्य, चांभर नृत्य एवं झूला नृत्य आदि अत्यंत मनोहारी नृत्य भी होते हैं। चैत्र कृष्ण तृतीया से लेकर चैत्र कृष्ण दशमी तक निरंतर सात दिनों तक ब्रज के प्रायः समस्त मंदिरों में फूलडोल की छटा छाई रहती है।

जय गिरिधारी, जय गिरिराज

Continue Reading जय गिरिधारी, जय गिरिराज

गिरिराज गोर्वधन की महिमा अपरंपार है। इसका जयनाद अहर्निश हो रहा है। ऐसी कोई तिथि नहीं, ऐसा कोई वार नहीं, ऐसा कोई दिन नहीं जब गिरिराज महाराज के भक्तगण उनका जयघोष करते हुए उनकी व उनकी परिक्रमा करते हुए अपने जीवन को धन्य न करते हो।

End of content

No more pages to load