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विदेशी छात्रों के लिए भारत में पढ़ाई की पहल

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  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में साल 2019-20 का बही-खाता पेश करते हुए स्टडी इन इंडिया‘ यानी ‘भारत में शिक्षा‘  योजना शुरू करने का अहम् निर्णय लिया है। इस योजना का उद्देश्य भारत में उच्च विज्ञान व तकनीकि शिक्षा का ऐसा अंतरराष्ट्रीय माहौल बनाना है, जिससे विदेशी छात्र भारत में पढ़ने के लिए लालायित हों। इस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण और शहरी भारत की असमानता दूर होगी

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इसमें कोई दो राय नही कि नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बही-खाता ग्रामीण भारत के चौतरफा विकास का स्पष्ट संकेत दे रहा है। इसमें सबसे अधिक घोषणाएं ग्राम, कृषि और किसान पर केंद्रित हैं। साफ है, देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया यह वार्षिक लेखा-जोखा देश के धरातल को मजबूत करेगा।

टूटे जाति और धर्म के समीकरण

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2019 के आए चुनाव परिणाम बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस चुनाव में खासतौर से उत्तर प्रदेश एवं बिहार में जहां जातीय समीकरणों का गठजोड़ टूटा है, वहीं बिहार में राजद को बड़ा झटका लगा है।

मोदी लहर ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को दिखाया आईना

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कभी-कभी अपना कहा, अपने को ही आईना दिखाने लग जाता है। छत्त्तीसगढ़ की कांग्रेस नेतृत्व वाली भूपेश बघेल सरकार के साथ यही कहावत चरितार्थ हुई है। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक आईना यानी दर्पण उपहार स्वरूप भेजा था।

 मध्य-प्रदेश में चुनावी धन के प्रबंधक

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       भ्रष्टाचार न केवल देश की छवि को बट्टा लगा रहा है, बल्कि वह अर्थव्यवस्था को चौपट करने और अचल संपत्ति की कीमतें बढ़ाने का भी काम कर रहा है। क्योंकि भ्रष्टाचार से अर्जित दौलत से एक भी व्यक्ति कई-कई अचल संपत्तियों का मालिक बन जाता है। इस कारण बाजार में एक ओर तो संपत्ति का मूल्य बढ़ता रहता है, दूसरी ओर उसका अभाव भी बदस्तूर रहता है। नतीजतन वास्तविक जरुरतमंद घर की छत पाने के लिए भी लाचार बना रहता है।

एयर स्ट्राइक : सेना के पराक्रम पर सवाल

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 कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष सेना के पराक्रम पर अनुचित सवाल खड़े करके अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने लग गया है। इससे उसे कोई राजनीतिक फायदा होने वाला नहीं है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पी. चिदंबरम, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, आरपीएन सिंह एवं नवजोत सिंह सिद्दू ने वायु सैनिकों द्वारा…

जैव विविधता भारत की धरोहर है

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जानवरों की घटती संख्या छठे महाविनाश का हिस्सा है। पहले 5 महाविनाश प्राकृतिक थे इसलिए उनकी भरपाई जल्द हो गई, छठा महाविनाश मानव निर्मित है, जिसकी भरपाई होना मुश्किल है। यदि मानव समय पर सतर्क नहीं हुआ तो मानवी जीवन ही संकट में पड़ जाएगा। जिस तरह से आज पूरी…

समस्याओं से जूझता गणतंत्र

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देश के स्वतंत्रता संग्राम को भारतीय स्वाभिमान की जागृति का संग्राम भी कहा जाता है। राजनीतिक दमन और आर्थिक शोषण के विरुद्ध लोक-चेतना का यह प्रबुद्ध अभियान था। यह चेतना उत्तरोतर ऐसी विस्तृत हुई कि समूची दुनिया में उपनिवेशवाद के विरुद्ध मुक्ति का स्वर मुखर हो गया। परिणामस्वरूप भारत की…

लापरवाही बनी रेल हादसे का कारण ़

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 संंदर्भ : अमृतसर में रावण दहन के अवसर पर रेल ने लिए 60 लोगों के प्राण अमृतसर में रावण दहन के अवसर पर हुआ रेल हादसा सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही का सबब है। इस लापरवाही के चलते उत्सव में शामिल 61 लोग असमय काल के गाल में समा गए और दर्जनों…

अपना द़ृष्टिकोण स्पष्ट करता संघ

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देश के सबसे बड़े और प्रभावशाली सांस्कृतिक संघटन ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ‘ ने ‘भविष्य का भारत-संघ का द़ृष्टिकोण‘ विषय के तारतम्य में अपना द़ृष्टिकोण स्पष्ट पारदार्शिता के साथ प्रस्तुत किया है। किसी देशव्यापी संगठन द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों और अनुत्तरित प्रश्नों पर अपना नजरिया जनता के सामने उजागर करना एक…

विडंबनाओं के देश में चुनौतियां

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उदारता और सहिष्णुता, विदेशियों को शरण और वचनबद्धता जैसे उदात्त गुणों के अतिरेक के कारण भारत विडंबनाओं और चुनौतियों के देश में बदलता चला गया। नतीजा है, राजनीति का एक पक्ष आज भी समस्याओं को यथास्थिति में रखने की पुरजोर पैरवी करता है। ऐसी स्थितियों का सामना करने का आज समय आ गया है।

स्वतंत्रता के बाद स्वावलंबन का प्रश्न

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उदारवादी आर्थिक नीतियों ने स्वावलंबन, स्वदेशी और रोजगार सृजन के संगठित क्षेत्र में नए अवसरों पर विराम लगा दिया। समय के साथ स्वावलंबन और बेरोजगारी के संकट भी विस्तृत होते गए। इससे पार होने की मोदी सरकार कोशिश कर रही है।

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