मुहब्बती नगमों के शायर: फिराक

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फिराक की सोच के मुताबिक मुहब्बत के शायर होने के लिए केवल आशिक और शायर होना ही काफी नहीं है। प्रेमी का मन भावुक होने के साथ साथ कोमल, सच्चा तथा नेक होना भी आवश्यक है। सद्गुणों के प्रति उसे आस्था होनी चाहिए। उसका दिलोदिमाग संस्कारों से रचाया सजाया हो। ...जोश मलिहाबादी लिखते हैं कि मीर और गालिब के बाद उस कोटि का सबसे बड़ा शायर एक ही है, और वह है फिराक गोरखपुरी!

जाति इंसानियत, धर्म प्रेम

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इस कविता के रचयिता कौन हैं यह बताने के पहले इसकी प्रासंगिकता पर गौर करते हैं। ये पंक्तियां ‘प्रीत का गीत’ कविता की कुछ महत्वपूर्ण पंक्तियों में से हैं जिन्हें कवि ने स्वतंत्रता से पूर्व लिखा था परंतु अगर हम गौर करें तो आज भी हमारी भारतमाता के हालातों में कुछ बदलाव नहीं आया है।

बदनसीब शायर -बहादुरशाह जफ़र

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ये पंक्तियां मुग़ल बादशाह बहादुरशाह जफ़र की हैं। बहादुर शाह जफ़र भारत में अंग्रेजों के शासन से पहले का अंतिम बादशाह था। जफ़र की इतनी अवहेलना की गयी थी कि वे सोचते थे कि उनसे से तो शतरंज का बादशाह अच्छा है।

शायरी का खुदा-मीर तक़ी मीर

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शायर कहता है देखो जरा यह धुआं कहां से उठ रहा है। जरूर किसी प्रेमी का दिल दुख से जल रहा होगा। ये धुआं उसके दिल से उठ रहा है या दर्द उसके प्राणों तक चले जाने के कारण उसके प्राणों से उठ रहा है। कहीं वह प्रेमी जीवन-मृत्यु की सीमा पर तो नहीं है?

शब्दों के जादूगर-साहिर लुधियानवी

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इस तरह के गद्य रूप के गीतों को सुनकर याद आती है पुराने मधुर संगीत की और उन्हें लिखने वाले गीतकारों की। हमारी जैसी पूरी एक पीढ़ी का सांस्कृतिक पोषण इन शायरों की शायरी ने ही किया है। भले ही फिल्मों के लिए लिखा गया हो, परंतु उसमें काव्य भरपूर हुआ करता था।

मिहरे-नीम रोज़ मिर्ज़ा ग़ालिब

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शायरी पसंद करनेवाला शायद ही कोई हो जिसे ग़ालिब का यह शेर पता न हो। हृदय में जागृत हुए प्रेम के दुख से व्याकुल कवि के ये उद्गार मन को ‘स्पर्श’ कर जाते है। प्रेम कवि के मन को इतनी पीड़ा देता है कि वह किसी भी तरह कम नहीं होती।

तू जी ऐ दिल जमाने के लिए…

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मन्ना डे चले गए और मन भी पचास के दशक के अतीत में चला गया। उस समय हम भाई-बहन भी किशोर वयीन थे। फिल्म ‘सीमा’ देखी थी। दो गानों ने हमें दीवाना बना दिया था-

दर्द-ए-मलिका मीना कुमारी

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पाकीजा फिल्म में राजकुमार का यह संवाद याद आता है? पाकीजा याने शुद्ध, पवित्र! एक नर्तकी के जीवन में एक ऐसा गबरू जवान आता है, जो उससे ‘रूहानी’ मुहब्बत करता है।

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