वीर सावरकर : बहुमुखी प्रतिभा के धनी

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वीर सावरकर एक लेखक, कवि, समाजसेवी, राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता सेनानी, वक्ता, दार्शनिक, रणनीतिकार और हिंदुत्व के प्रतीक थे। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनका कार्य सराहनीय है। भारत माता और समाज के सभी वर्गों के लिए उनका प्यार और स्नेह उनके जीवन भर किए गए अथक कार्यों में देखा जा सकता…

मजदूरों के मसीहा ठाकुर प्यारेलाल सिंह

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देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया है। कुछ लोगों के अलावा दुनिया किसी को नहीं जानती है जबकि ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जिन्होंने देश के लिए बड़ा योगदान दिया लेकिन उनके बलिदान का कोई प्रचार नहीं हो सका। तत्कालीन अंग्रेजी सरकार ने उनके…

पंडित सुंदरलाल शर्मा को क्यों कहा गया छत्तीसगढ़ का गांधी?

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  21 दिसंबर 1881 को पंडित सुंदरलाल शर्मा का जन्म छत्तीसगढ़ के चंद्रसूर गांव में हुआ था। सुंदरलाल एक कवि, सामाजिक कार्यकर्ता, इतिहासकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सहित बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे उन्हें जन जागरण और सामाजिक क्रांति का दूत भी कहा जाता है। अगर एक लाइन में कहें तो…

स्वाभिमान को जागृत करने वाली वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई

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विरला ही कोई ऐसा होगा जो महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य एवं पराक्रम को पढ़-सुन विस्मित-चमत्कृत न होता हो! वे वीरता एवं संघर्ष की प्रतिमूर्त्ति थीं। उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। मात्र 29 वर्ष की अवस्था में अँग्रेजों से लड़ते हुए 18 जून, 1858 को…

खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी

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भारतीय इतिहास वीर गाथाओं से भरा पड़ा है और आज जब  देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब इन गाथाओं को स्मरण कर इतिहास को जीवंत करना समीचीन है । महारानी लक्ष्मीबाई की गाथा ऐसी ही एक अनुपम वीरगाथा है । महारानी लक्ष्मीबाई उन महान क्रांतिकारी योद्धाओ में…

सशस्त्र क्रांतिकारी व मानवकल्याण के विचारों के संवाहक महर्षि अरविंद

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‘कारागार में मुझे एक संदेश प्राप्त हुआ है। ईश्वर ने मुझे यह बताया है कि सनातन धर्म की रक्षा और प्रचार-प्रसार के लिए मेरा जीवन है। मेरा आगे का जीवन स्वयं के लिए नहीं तो अपितु विश्व के कल्याण के लिए है। सनातन धर्म में चैतन्य निर्माण करने के लिए मेरा जीवन समर्पित करना है।’                                                                                                                                 -महर्षि अरविंद

64 वर्ष की आज़ादी

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आज़ादी के फर्व फर भारत के फास कहने को सफलता की और भी बहुत सारी कहानियां हैं। विश्व में आज भारत दूध के उत्फादन में अग्रणी है। गेंहू तथा चावल का रिकार्ड उत्फादन हुआ है। ज्ञान तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने विश्व में अर्फेाी साख बनाई है।

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