पंच महायोग का दुर्लभ अवसर 100 साल बाद

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अक्षय तृतीया पर्व को अखतीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है। इस वर्ष यह पर्व 3 मई 2022  के दिन मनाया जाएगा। मूलतः इस पर्व को भारतवर्ष के खास त्यौहारों की श्रेणी में रखा जाता है। अक्षय तृतीया पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन…

पवन पुत्र हनुमान के जन्म की कहानी

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ज्योतिषीयों के सटीक गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 114 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 06:03 बजे हुआ था। वाल्मीकि रचित रामायण (मतान्तर से) के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष…

वसई में भव्य रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन

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भये प्रगट कृपाला दीन दयाला कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।। लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी। भूषन वनमाला नयन बिसाला  सोभासिंधु खरारी।।  कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौ अनंता। माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता।।  करुना सुख सागर सब गुन…

स्त्री शक्ति और आस्था का पर्व गणगौर

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गणगौर का पर्व भक्ति श्रृंगार और लोकगीत से जुड़ा है, जिसके गीत जीवन में उमंग भरते है। साथ ही प्रकृति और संस्कृति को एक सूत्र में बांधते है। गणगौर हमें सभी को प्रेम के बंधन में जोड़ने की सीख भी देता है। गणगौर माता के गीतों में जीवन का हर…

भारतीय सनातन काल-गणना चान्द्र-सौर है

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भारत विविधताओंका देश है। यहाँ वर्षारम्भ भी अलग-अलग होते हैं। कुछेक राज्योंमें सौर है तो कुछमें सौर-चान्द्र। उदाहरणार्थ आसाम, बङ्गाल, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा, तमिलनाडु तथा केरलमें सौरमास है तो आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्णाटकमें अमान्त सौर-चान्द्रमास है और उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार एवं पूर्वोत्तर राज्योंमें पूर्णिमान्त। यहाँ तक कि जो सौरमास…

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : हिंदू नववर्ष का महत्व

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प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक दिवस : प्रभु राम ने भी इसी दिन को लंका विजय के बाद अयोध्या में राज्याभिषेक के लिये चुना। लंका विजय के पश्चात विभीषण और सुग्रीव के साथ। पुष्पक विमान द्वारा विदेहकुमारी सीता को वन की शोभा दिखाते हुए योद्धाओं में श्रेष्ठ श्रीरामचन्द्र जी ने…

भारत में बसंतोत्सव – तन रंग लो जी मन रंग लो

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आज बिरज में होरी रे रसिया, आज बिरज में होरी रे रसिया कौन के हाथ कनक पिचकारी, कौन के हाथ कमोरी रे रसिया। कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी, राधा के हाथ कमोरी रे रसिया। होली के दिनों में यह गीत होली का एक प्रतीक गीत बन जाता है। होलिका दहन…

भारत में बसंतोत्सव – समरसता और लोकमंगल पर्व

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होली एक लोक उत्सव है जिसमे प्रकृति भी शामिल होती है। बसंत ऋतु की मादकता सर्वत्र दिखाई देती है। यह ऋतु मनुष्य के व्यवहार में आये अहंकार को भी तोड़ती है। कोई शिष्ट नही होता कोई विशिष्ट नही होता। यह बसंतोत्सव और विशेषत: होली की विशेषता होती है। गांवों में…

भारत में बसंतोत्सव – पुराणों में होली

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दशहरा, दीपावली और होली भारत के तीन महत्वपूर्ण लोक उत्सव हैं। दशहरा शक्ति और शौर्य का उत्सव है, असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव है। दीपावली अज्ञानता पर ज्ञान और अंधकार पर प्रकाश का उत्सव है, जो सुख-समृद्धि के प्रतीक है। होली अन्याय पर न्याय और ऋतुराज बसंत के…

भारत में बसंतोत्सव – काम से कामनाओं तक बसंत

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भारत पर्वों और उत्सवों का देश है। यहां सात वार और नौ त्यौहार की कहावत इसीलिए प्रसिद्ध है। यहां रोटी तोड़कर जीवन यापन को जीवन नही माना गया है। सनातन संस्कृति में जीने के तरीके को "पुरुषार्थ चतुष्टय" नाम से जाना जाता है। ये चार पुरुषार्थ हैं- धर्म, अर्थ, काम…

भारत में बसंतोत्सव – उत्तराखंड में फूल संग्रान्द

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भारत हिमालय के दक्षिण और हिंदमहासागर के उत्तर में है। इस देश मे 6 ऋतुएं आती हैं। इनकी शुरुआत बसंत ऋतु से होती है। सूर्य जिस दिन कुम्भ राशि मे प्रवेश करता है उस दिन सौरमास चैत्र की संक्रांति होती है। इस वर्ष 15 अप्रेल से चैत्र मास शुरू हो…

मकर संक्रान्ति के स्नान व दान का महत्व

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भगवान सूर्य जब शनि के साथ मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की तरफ चलना शुरु करता है। हिन्दू धर्म में इसी दिन से मलमास की समाप्ति होती है और शुभ दिनों की…

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