मकर संक्रान्ति के स्नान व दान का महत्व

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भगवान सूर्य जब शनि के साथ मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की तरफ चलना शुरु करता है। हिन्दू धर्म में इसी दिन से मलमास की समाप्ति होती है और शुभ दिनों की…

आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय एकात्मता का पर्व मकर संक्रांति

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शीत  ऋतु के बीच जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति होती है, इसी दिन से सूर्य की उत्तरायण गति प्रारम्भ होती है। यह पर्व जीवन व सृष्टि में नवसंचार करता है। यह हिंदुओं का प्रमुख काल चेतना या परिवर्तनकारी समय का…

क्यों जरुरी हैं छठ पर्व ?

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दुनिया का इकलौता ऐसा पावन पर्व जिसकी महत्ता दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। आज यह पर्व भारत, मलेशिया के अतिरिक्त लंदन, अमेरिका में भी बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। ये छठ पूजा जरुरी है धर्म के लिए नहीं अपितु.. हम-आप सभी के लिए जो अपनी जड़ों…

मनोकामना पूर्ति का व्रत छठ महापर्व

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छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा का प्रचलन और उन्हें अर्घ्य देने का विधान है। इस दिन सभी महिलाएं नदी, तालाब या जलाशय के तट पर सूर्य को अर्घ्‍य देकर उसकी पूजा करती है। यह पर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। 8 नंबर से ही…

छठ पूजा का महत्व

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*यह पूर्णरूप से प्रकृति की पूजा है, जिस प्रकृति से हम सबका जीवन चलता है। *वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पूरे संसार में ऊर्जा के स्रोत भगवान भास्कर की आराधना की जाती है। *उगते सूर्य की पूजा तो सब करते है, इस पर्व में डूबते सूर्य की भी पूजा की जाती…

छठ का नाम सुनते ही क्यों इमोशनल हो जाते हैं बिहारी

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''यार, ये छठ का नाम सुनते ही तुम बिहारी लोग इतने इमोशनल क्यों हो जाते हो? मैनेजर की रिस्पॉन्सिबल पोस्ट पर पहुंच कर भी लेबर क्लास टाइप हफ्ता भर की छुट्टी मांगने चले आते हो. पता नही इस छठ में ऐसा क्या है कि तुम लोग ओवर रिएक्ट करने लगते…

हिंदू धर्म : पारम्परिक आर्थिक सुरक्षा का सबसे सशक्त आधार

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एक 'अखबार' में एक खबर पढ़ी जिसके अनुसार आज मेरे शहर में अनुमानित रूप से ढ़ाई लाख झाङू बिकेंगे। अब आप सोचिए कि इसे बनाने के व्यवसाय में जो भी लोग संलग्न होते हैं वो आर्थिक और सामाजिक संरचना की दृष्टि से किस पायदान पर खड़े होते हैं। इसी 'दीवाली'…

उत्तराखंड की कुम्भ परम्परा

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कुम्भ भारत की चिरन्तन परम्परा हैं। कुम्भ भारतीय संस्कृति के अनूठे विस्तार की कहानी है। यह विश्व का सबसे बड़ा जन समागम है। कुम्भ भारतीय संस्कृति की विराटता का भी परिचायक हैै।

कैसे करें दीपावली में लक्ष्मी गणेश की पूजा

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कल दीपावली का त्योहार है तो दीपावली के दिन हमलोग माँ लक्ष्मी एवं गणेश अर्थात गौरी-गणेश की पूजा करते हैं. और, पूजा करने के लिए हमलोग माँ लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा खरीदते हैं.जहाँ माता लक्ष्मी धन की देवी हैं... वहीं, ज्ञान और बुद्धि के देवता गणेशजी सभी देवताओं में प्रथम…

समृद्धि के आह्वान का उत्सव है रूप चतुर्दशी

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पर्व हमारी संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष के प्रहरी हैं। ये हमारी बहुरंगी संस्कृति के जीवंत साक्ष्य हैं। जीवन को आनंद का आस्वाद करवाना इनका परम लक्ष्य होता है। इनसे घर-परिवार में एकात्म भाव बनता है और खुशियां छलकती हैं। दीपोत्सव की पांचदिवसीय पर्व श्रंखला में धन त्रयोदशी के बाद पड़ने…

नये कपड़े और सेल्फी, क्या यही है हमारी दिवाली ?

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भारतीय संस्कृति में दिए जलाना सिर्फ एक त्यौहार नहीं बल्कि एक श्रद्धा और आदर का भाव होता है। हम दिए सिर्फ बाहर प्रकाश या दिखावे के लिए नहीं जलाते हैं बल्कि इससे मन के अंधकार को भी कम करते है। तेजी से बदलते परिवेश में दिए की जगह को अब…

पौराणिक इतिहास

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तिब्बत में बने प्रसिद्ध थोलिंग मठ जाने का रास्ता (पैदल) माणा होते हुए सरस्वती नदी के किनारे खड़ी चढ़ाई से होकर जाने वाला एक अत्यंत दुर्गम कठिन पथ है। प्राचीन काल में साधु संत इसी मार्ग से पवित्र मानसरोवर व कैलास यात्रा पर चले जाते थे।

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