पूजा में प्रयोग होने वाले कुछ शब्द और उनके अर्थ

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पंचोपचार – गन्ध , पुष्प , धूप , दीप तथा नैवैद्य द्वारा पूजन करने को ‘पंचोपचार’ कहते हैं | पंचामृत – दूध , दही , घृत , मधु { शहद ] तथा शक्कर इनके मिश्रण को ‘पंचामृत’ कहते हैं | पंचगव्य – गाय के दूध , घृत , मूत्र तथा…

सभी कर्मों का फल हो जाता है अक्षय

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सभी कर्मों का फल हो जाता है अक्षय, इसलिए यह तिथि कहलाती है, अक्षय तृतीया वैशाख शुक्लपक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया, आखातीज, या आखा तृतीया कहते हैं। इस दिन दिए हुए दान और किए हुए स्नान, होम, जप आदि का फल अनन्त होता है, अर्थात् सभी शुभ कर्म अक्षय…

धर्म परंपरा : जैसा बोएंगे, वैसा ही पाएंगे

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मेरा एक मित्र हैदराबाद के एक पाठशाला में प्रधानाध्यापक हैं। उनके घर में दूध देने वाला कृष्णा एक दिन अचानक भागा भागा आया और उनके पैरों में पड़ गया। बोला की उनकी लड़की ने घर से भागकर एक मुसलमान लड़के से शादी कर ली है, और उसके परिवार के साथ…

स्त्री शक्ति और आस्था का पर्व गणगौर

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गणगौर का पर्व भक्ति श्रृंगार और लोकगीत से जुड़ा है, जिसके गीत जीवन में उमंग भरते है। साथ ही प्रकृति और संस्कृति को एक सूत्र में बांधते है। गणगौर हमें सभी को प्रेम के बंधन में जोड़ने की सीख भी देता है। गणगौर माता के गीतों में जीवन का हर…

भारतीय सनातन काल-गणना चान्द्र-सौर है

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भारत विविधताओंका देश है। यहाँ वर्षारम्भ भी अलग-अलग होते हैं। कुछेक राज्योंमें सौर है तो कुछमें सौर-चान्द्र। उदाहरणार्थ आसाम, बङ्गाल, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा, तमिलनाडु तथा केरलमें सौरमास है तो आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्णाटकमें अमान्त सौर-चान्द्रमास है और उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार एवं पूर्वोत्तर राज्योंमें पूर्णिमान्त। यहाँ तक कि जो सौरमास…

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : हिंदू नववर्ष का महत्व

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प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक दिवस : प्रभु राम ने भी इसी दिन को लंका विजय के बाद अयोध्या में राज्याभिषेक के लिये चुना। लंका विजय के पश्चात विभीषण और सुग्रीव के साथ। पुष्पक विमान द्वारा विदेहकुमारी सीता को वन की शोभा दिखाते हुए योद्धाओं में श्रेष्ठ श्रीरामचन्द्र जी ने…

विचारों की श्रेष्ठता है सर्वोत्तम प्रशिक्षण

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मनः प्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः। भावसंश्रुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते ।। भावार्थ : संतोष, सरलता, गम्भीरता, आत्म-संयम एवं जीवन की शुद्धि - ये मन की तपस्याएँ हैं। तात्पर्य : मन को संयमित बनाने का अर्थ है, उसे इन्द्रियतृप्ति से विलग करना | उसे इस तरह प्रशिक्षित किया जाना चाहिए जिससे वह सदैव परोपकार के…

ज्ञान से परिपूर्ण हो जाता है भगवान का शरणागत

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निर्मानमोहा जितसङ्गदोषा अध्यात्मनित्या विनिवृत्तकामाः। द्वन्द्वैर्विमुक्ताः सुखदुःखसंज्ञै-र्गच्छन्त्यमूढाः पदमव्ययं तत् ।। भावार्थ : जो झूठी प्रतिष्ठा, मोह तथा कुसंगति से मुक्त हैं, जो शाश्र्वत तत्त्व को समझते हैं, जिन्होंने भौतिक काम को नष्ट कर दिया है, जो सुख तथा दुख के द्वन्द्व से मुक्त हैं और जो मोहरहित होकर परम पुरुष के…

भारत में बसंतोत्सव – तन रंग लो जी मन रंग लो

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आज बिरज में होरी रे रसिया, आज बिरज में होरी रे रसिया कौन के हाथ कनक पिचकारी, कौन के हाथ कमोरी रे रसिया। कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी, राधा के हाथ कमोरी रे रसिया। होली के दिनों में यह गीत होली का एक प्रतीक गीत बन जाता है। होलिका दहन…

भारत में बसंतोत्सव – काम से कामनाओं तक बसंत

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भारत पर्वों और उत्सवों का देश है। यहां सात वार और नौ त्यौहार की कहावत इसीलिए प्रसिद्ध है। यहां रोटी तोड़कर जीवन यापन को जीवन नही माना गया है। सनातन संस्कृति में जीने के तरीके को "पुरुषार्थ चतुष्टय" नाम से जाना जाता है। ये चार पुरुषार्थ हैं- धर्म, अर्थ, काम…

भारत में बसंतोत्सव – उत्तराखंड में फूल संग्रान्द

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भारत हिमालय के दक्षिण और हिंदमहासागर के उत्तर में है। इस देश मे 6 ऋतुएं आती हैं। इनकी शुरुआत बसंत ऋतु से होती है। सूर्य जिस दिन कुम्भ राशि मे प्रवेश करता है उस दिन सौरमास चैत्र की संक्रांति होती है। इस वर्ष 15 अप्रेल से चैत्र मास शुरू हो…

“सनातन विद्या से 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆”

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जी हाँ, शास्त्रों में एक ऐसी भी विद्या है जिससे आप अपने  ATM PIN  को सुरक्षित और गोपनीय रख सकते हैं, उस विद्या का नाम है "कटपयादी सन्ख्या विद्या" कटपयादि संख्या हम में से बहुत से लोग अपना Password, या ATM PIN भूल जाते हैं इस कारण हम उसे कहीं पर लिख कर रखते…

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