पौराणिक इतिहास

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तिब्बत में बने प्रसिद्ध थोलिंग मठ जाने का रास्ता (पैदल) माणा होते हुए सरस्वती नदी के किनारे खड़ी चढ़ाई से होकर जाने वाला एक अत्यंत दुर्गम कठिन पथ है। प्राचीन काल में साधु संत इसी मार्ग से पवित्र मानसरोवर व कैलास यात्रा पर चले जाते थे।

सावरकर और गांधी के संबंधों पर प्रश्न उठाने वाले सच्चाई देखें

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वीर सावरकर या उनके जैसे दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों ने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनके देश के लोग ही कभी उनके शौर्य, वीरता और इरादे पर प्रश्न उठाएंगे। वीर सावरकर के साथ त्रासदी यही है कि वैचारिक मतभेदों के कारण एक महान स्वतंत्रता सेनानी, योद्धा, समाज सुधारक, लेखक ,कवि…

संघ के योगदान से जब बदली देश की तस्वीर

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सांप्रदायिक, हिंदूवादी, फांसीवादी और हिन्दू आतंकवाद सहित ना जाने कितने नामों से इसे पुकारा गया लेकिन यह संगठन कभी पीछे नहीं हटा। जनसेवा और देशसेवा को हमेशा अपनी प्राथमिकता बनाए रखा और समय समय पर देश के लिए योगदान भी दिया है। डाक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में विजयादशमी…

इतिहास-सत्य का अनावरण करती पुस्तक

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कन्नड़ के प्रसिद्ध उपन्यासकार डॉ. एस. एल. भैरप्पा ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर महत्वपूर्ण उपन्यास ‘आवरण’ की रचना की है। मूलत: कन्नड़ के इस उपन्यास के दो वर्षों में ही तेईस संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं।

राव समाज के इतिहास की पहचान

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प्राचीन काल से ही हिंदू समाज के स्त्री‡पुरुषों का परिचय माता-पिता के नाम से होने की प्रथा रही है। राम दशरथ का पुत्र है इस नाते ‘दशराथी राम’ यह उसका पहचान है, इसी तरह कर्ण की पहचान भी ‘राधेय’ नाम से की जात है। राम के परिचय के साथ इक्ष्वाकु वंश यह नाम भी पड़ गया है। कुल और वंश का परिचय अपनी धरोहर ही है।

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