स्वाभिमान को जागृत करने वाली वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई

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विरला ही कोई ऐसा होगा जो महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य एवं पराक्रम को पढ़-सुन विस्मित-चमत्कृत न होता हो! वे वीरता एवं संघर्ष की प्रतिमूर्त्ति थीं। उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। मात्र 29 वर्ष की अवस्था में अँग्रेजों से लड़ते हुए 18 जून, 1858 को…

खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी

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भारतीय इतिहास वीर गाथाओं से भरा पड़ा है और आज जब  देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब इन गाथाओं को स्मरण कर इतिहास को जीवंत करना समीचीन है । महारानी लक्ष्मीबाई की गाथा ऐसी ही एक अनुपम वीरगाथा है । महारानी लक्ष्मीबाई उन महान क्रांतिकारी योद्धाओ में…

राजमाता सिंधिया:जेंडर की एक केस स्टडी भी…

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ग्वालियर के जिस जयविलास पैलेस को लोग दुनियाभर से देखने आते है उसे राजमाता विजयाराजे सिंधिया जीवाजी विश्वविद्यालय को दान करना चाहती  थी ताकि ग्वालियर रियासत के बच्चों को बेहतर उच्च शिक्षा मुहैया हो सके।जय विलास महल दुनिया के सबसे महंगे और आकर्षक महलों में एक है लेकिन राजमाता को…

मुगलों से लोहा लेने वाले पेशवा बाजीराव बल्लाल

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श्रीमन्त पेशवा बाजीराव बल्लाल एक वीर और महान सेनानायक थे इनके काल के दौरान मराठा राजा ने बहुत विस्तार किया। बाजीराव बल्लाल का जन्म 18 अगस्त 1700 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। मात्र 20 वर्ष की उम्र में ही इन्होने पेशवा का पद ग्रहण कर लिया था जो…

छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक हुआ

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राजदरबार का निर्माण किया गया। 32 मन के सोने से छत्र और राज सिंहासन का निर्माण किया गया। श्रीनृपशालिवाहन शक 1596, आनंदनाम संवत्सर ज्येष्ठ शुद्ध 13 शनिवार, सूर्योदय पूर्वं तीन घटका महाराज सिंहासन पर बैठे (6 जून 1674)। महाराज ने इस अवसर पर सबको कुछ-न-कुछ दिया। पूरे राज्याभिषेक पर 50 लाख रुपये का खर्च आया।

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