दिग्विजय सिंह क्यों करते है संघ पर विवादित टिप्पणी?

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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच विवाद को लेकर एक गहरा नाता है जो कम होने का नाम ही नही लेता है और दिग्विजय सिंह इसे कभी कम भी नहीं होने देते हैं। दरअसल पता नहीं ऐसा क्या है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कुछ…

संघ के 6 उत्सव और उनके महत्व

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) किसी परिचय का मोहताज नहीं है यह एक ऐसा संगठन है जो पूरे विश्व में चर्चित है वैसे तो इसका सीधे तौर पर राजनीति से कोई नाता नहीं है लेकिन फिर भी कुछ राजनीतिक दल संघ के कार्यों पर आपत्ति उठाते रहते है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ…

भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने वाले अटल जी

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी एक ऐसे राजनीतिज्ञ व सहृदय व्यक्त्वि के धनी, महान कवि और प्रख्यात पत्रकार थे जिनके मन में सदैव देश ही सर्वोपरि रहता था। आज भारत जिस तेज गति से देश की सुरक्षा से लेकर आम जनजीवन से संबंधित हर क्षेत्र में…

प्रहार दिवस: ‘विजय दिवस’ पर स्वंयसेवक क्यों करते हैं दंड प्रहार?

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16 दिसंबर को पूरे देश में विजय दिवस मनाया जाता है जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से इस दिन को 'प्रहार दिवस' के रूप में मनाया जाता है। 16 दिसंबर 1971 को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की समाप्ति हुई थी और भारत को ऐतिहासिक जीत हासिल…

गुरुजी: मैं तो मराठी भाषी हूं लेकिन मुझे हिन्दी पराई भाषा नहीं लगती है

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  20वीं शताब्दी में जिन राष्ट्र पुरुषों मनीषियों और चिंतकों ने भारत के समग्र विकास एवं उसे शक्तिपुंज बनाने के लिए जो विचार दर्शन दिया, उसके लिए महात्मा गांधी के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर जी का नाम इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। श्री…

स्व की आध्यात्मिकता से राष्ट्रीय एकात्मकता और अखंडता आयेगी – डॉ. मोहन भागवत जी

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हम स्वाधीन हुये लेकिन अभी भी हम स्वतंत्र होने की प्रक्रिया में हैं।  इस स्वाधीनता के लिये सभी वर्ग क्षेत्र समाज के लोगों ने त्याग व् बलिदान दिया और स्वाधीनता को लेकर सबके मन  में समान भाव था. जो बातें कुंद्रा डिक्लेरेशन में सन 1830 में कही गई थी वही…

पंजाब में आरएसएस का उल्लेखनीय योगदान

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पंजाब में संघ का कार्य 1937 में शुरू हुआ। प्रारंभिक वर्षों में लाहौर तथा सियालकोट में राजाभाऊ पातुरकर और के डी जोशी प्रचारक के रूप में आए। हिंदू तथा सिखों पर इस सदी का भीषणतम संकट देश के विभाजन के समय आया जब लाखों हिंदुओं और सिखों को पश्चिमी पंजाब…

देवभूमि उत्तराखंड में संघ विस्तार

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में हुई। गत  नौ दशकों में संघ का कार्य भारत के साथ विश्व के सभी देशों तक अपना विस्तार कर चुका हैं। इनमे राष्ट्र कार्य से लेकर सेवा कार्यों तक के विभिन्न आयाम सक्रीय है। उत्तराखंड राज्य में 1940 से लेकर सात दशकों में संघ ने अपने विभिन्न आयामों के साथ राज्य के सर्व स्तरीय विकास में अपना योगदान दिया है।

संघ प्रवाही है अत: प्रासंगिक है

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सामान्य तौर पर लोग इस वटवृक्ष को संघ परिवार भी कहते हैं, परंतु संघ का स्वयं का मानना है कि ऐसा कोई संगठनों का समूह उसने तैयार नहीं किया जिसे संघ परिवार कहा जाए। संघ समाज में एक संगठन नहीं है बल्कि समाज का संगठन करने वाला एक सतत प्रवाह है। इसीलिए समय के साथ-साथ इसकी प्रासंगिकता भी बढ़ती रही है।

स्वतंत्रता आंदोलन, भारत के ‘स्व’ को जागृत करने का आंदोलन था – दत्तात्रेय होसबाले (सरकार्यवाह)

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि देश स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है. इस निमित्त संघ के स्वयंसेवक समाज व विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे, स्वतंत्र रूप से भी आयोजन होंगे. स्वतंत्रता आंदोलन के अज्ञात सेनानियों का जीवन समाज के सामने लाया…

बहुमुखी कल्पनाओं के धनी मोरोपन्त पिंगले

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संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री मोरोपन्त पिंगले को देखकर सब खिल उठते थे। उनके कार्यक्रम हास्य-प्रसंगों से भरपूर होती थीं; पर इसके साथ वे एक गहन चिन्तक और कुशल योजनाकार भी थे। संघ नेतृत्व द्वारा सौंपे गये हर काम को उन्होंने नई कल्पनाओं के आधार पर सर्वश्रेष्ठ ऊंचाइयों तक पहुंचाया। …

जयंती: यादवराव कृष्ण जोशी ने दक्षिण भारत में संघ को दी थी नई उड़ान

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यादवराव कृष्ण जोशी का जीवन बहुत ही साधारण रहा है और उन्होंने पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया था। 3 सितंबर 1914 को महाराष्ट्र के नागपुर में कृष्ण जोशी जी का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पिता जी एक पुजारी थे जिससे उनका जीवन शुरू से…

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