हम किसी से कम नहीं…

महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग करियर की संकल्पना ही गलत है। आज कुछ ऐसे हटके करियर ऑप्शन्स उपलब्ध हैं, जिनमें पिछले कई सालों में महिलाओं का बोलबाला रहा है।

आज हम उस दौर में जी रहे हैं, जहां पर महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं। आज की तारीख में शायद ही ऐसी कोई महिला या युवा लड़की होगी जो करियर के बारे में ना सोचती हो, या जिसे घर गृहस्थी संभालने के साथ अपने घर की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने की इच्छा ना हो। ऐसा कोई काम नहीं है जो महिलाएं कर नहीं सकतीं। सुधा मूर्ति जैसी महिलाएं इन्फोसिस जैसी कंपनियों की जन्मदात्री हैं, एक प्रसिद्ध लेखिका हैं,  तो प्राजक्ता कोली जैसी युवा महिला जो अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अमेरिका में मिशेल ओबामा के साथ काम कर भारत का गौरव बढा रही हैं। ऐसे एक नहीं कई उदाहरण हैं, जहां महिलाओं ने यह सिद्ध किया है कि महिलाएं घर और करियर दोनों उतने ही अच्छे से संभाल सकती हैं।

करियर तो सभी का होता है, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग करियर की संकल्पना ही गलत है। लेकिन आज हम कुछ ऐसे हटके करिअर ऑप्शन्स के बारे में बात करेंगे, जिसमें पिछले कई सालों में महिलाओं का बोलबाला रहा है। (पुरुष भी इसमें पीछे नहीं हैं..) बदलते परिवेश में करियर की संकल्पनाएं भी बदली हैं, और महिलाओं का इसमें बढता सहभाग भी, आज हम इसी विषय पर बात करेंगे।

*यूट्यूबर : जैसा कि ऊपर कहा गया है बदलते परिवेश में करियर की संकल्पनाएं भी बदली हैं, और स्वरूप भी। यूट्यूब आज की तारीख में एक बहुत ही बड़ा करियर ऑप्शन माना गया है, जहां यदि आप एक अच्छे दर्जे का कंटेंट उपलब्ध कराते हैं, तो आप अच्छा कमा भी सकते हैं, और लाखों लोगों को प्रेरणा भी दे सकते हैं। प्राजक्ता कोली, सलोनी श्रीवास्तव, तेजल चोपड़ा ऐसी कई अलग-अलग क्षेत्र में कार्यरत युवा यूट्यूबर्स हैं जो अपने वीडियोज के माध्यम से दुनिया में एक सकारात्मक कंटेंट दे रही हैं। साथ ही निशा मधुलिका, कबिताज किचन, इंडियन यूट्यूबर नीलम ऐसे कई रेसेपी बेस्ड यूट्यूब चैनल्स हैं, जिनके माध्यम से अनेक युवा और महिलाएं घर बैठे अच्छे-अच्छे खाने की रेसेपीज सीख रहीं हैं। यदि आपके पास अच्छा कंटेंट है और आपको वीडियोज की थोड़ी भी समझ हैं, तो आप यूट्यूब को एक अच्छे करियर के रूप में देख सकते हैं।

*लेखिका या ब्लॉगर : पहले यदि हम लेखक या लेखिका कहते थे तो हमारी आंखों के सामने  मोटी-मोटी किताबें आती थीं। लेकिन समय में हुए बदलाव के साथ-साथ लेखन शैली और लेखन के माध्यम भी बदले हैं। आज की तारीख में कई महिलाएं विविध वेबसाइट्स के लिए लिख रही हैं। शेफाली वैद्य, हरलीन सिंह, श्रद्धा शर्मा, मालिनी अग्रवाल आदि कई महिला ब्लॉगर्स हैं जो काफी प्रसिद्ध हैं। आप अपने ब्लॉग को यदि नियमित तौर पर लिखें, और एक अच्छी सामग्री जनता के सामने विविध वेबसाइट्स के माध्यम से उपलब्ध कराए तो आप एक सफल ब्लॉगर अवश्य बन सकते हैं। इसके लिये आपके पास ज्यादा कुछ नहीं बल्कि केवल लैपटॉप, फोन और इंटरनेट कनेक्शन होने की आवश्यकता है। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से आप बड़े पैमाने पर लोगों को प्रेरित कर सकते हैं और अपने वेबसाइट्स की लिंक इन समाज माध्यमों पर शेअर कर अधिकाधिक लोगों तक पंहुच सकते हैं।

ब्यूटी एण्ड वेलनेस : शुरु से ही ब्यूटी पार्लर्स केवल महिलाओं का कार्यक्षेत्र माना गया है। लेकिन ऐसा नहीं है, आज की तारीख में महिला और पुरुष एक साथ इस क्षेत्र में तरक्की कर रहे हैं। महिलाओं ने इस क्षेत्र को केवल ब्यूटी पार्लर्स तक सीमित ना रख कर एक विशेष इंडस्ट्री में तब्दील किया है। वीएलसीसी जैसे कई सेंटर्स के कारण भारत में कौशल विकास के माध्यम से इस क्षेत्र में कई महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिसके कारण आज उनके पास अपना एक करियर है, और वे केवल ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाएं नहीं रह गई हैं, वरन ब़ड़े- बड़े ब्यूटी सेंटर्स की मैनेजर्स और फ्रेंचायजी ओनर्स के तौर पर भी कार्य कर रही हैं।

*पत्रकारिता : पत्रकारिता का क्षेत्र महिलाओं के लिए पहले सुरक्षित नहीं माना जाता था, लेकिन आज पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाएं अलग ही परचम लहरा रही हैं । श्वेता सिंह, अंजना ओम कश्यप, पयोधि शशि ऐसे कई नाम हमें जुबानी रटे हैं, इसके अलावा ऑनलाइन पत्रकारिता में भी बड़े पैमाने पर महिलाओं की सहभागिता बढ़ी हैं। आज कई वेबसाइट्स की संपादक महिलाएं हैं, कंटेट रायटर और उपसंपादक के तौर पर भी महिलाओं की संख्या बड़े पैमाने पर है। आज महिलाएं निर्भय हैं, निर्भर नहीं। पत्रकारिता का क्षेत्र भी महिलाओं के लिए आज एक अच्छा क्षेत्र माना जाने लगा है।

*एच. आर. : आज हम उस दौर में हैं, जहां कोई भी कंपनी बिना एच. आर. मैनेजर याने कि ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर के काम नहीं करती। इस क्षेत्र में महिलाओं का बोलबाला है। कहते हैं किसी भी बात को महिलाएं अधिक अच्छे से संभाल लेती हैं, और जब बात कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को संभालने की हों, तो महिलाओं से अच्छा भला यह कौन समझ सकता है। इस क्षेत्र में भी महिलाएं दिन-ब-दिन तरक्की कर रही हैं।

*नृत्य, गायन, वादन और कई तरह की कलाएं: नृत्यकला रंगमंचीय कला अर्थात परफॉर्मिंग आर्ट्स मानी गई है। आज आपको सोशल मीडिया पर नयनतारा कथक, राधिका कथक, कथक नृत्य, ऐसे कई नामों के प्रोफाइल्स मिल जाएंगे जिस पर आपको इस कला से संबंधित हर प्रकार की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा गायन वादन और ऐसी कई कलाएं हैं, जिन पर महिलाओं का बोलबाला है। इन कलाओं को करियर का रूप देकर महिलाएं अपनी कला दुनिया तक पहुंचा रही हैं।

इसके अलावा आज इंजीनियर, डॉक्टर, सीए, सीएस ऐसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी है। फैशन के क्षेत्र में भी महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं। गणतंत्र दिवस की परेड में महिला डेअरडेविल्स के दल ने अपनी जांबाजी दिखा कर यह साबित कर दिया है कि वे सच में किसी से कम नहीं है। इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में तानिया शेरगिल ने पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए कैप्टन तानिया शेरगिल नें अपनी बहादुरी दिखाई है। ’एक नहीं दो-दो मात्रा, नर से नारी भारी’ मैथिली शरण गुप्त जी की इन पंक्तियों ने अवश्य ही सिद्ध किया है कि हम किसी से कम नहीं हैं।

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