दरभंगा एम्स निर्माण हेतु घर-घर से किया जा रहा ईंट संग्रह   

पटना । आठ अगस्त से मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू)के सदस्यों की ओर से दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर घर-घर जाकर ईंट संग्रह करने का काम किया जा रहा है। एमएसयू के अभियान में आम लोग भी बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। लाखों परिवार के लोगों ने एक ईंट देकर इस मुहीम का समर्थन किया हैं। इस अभियान के नेतृत्वकर्ता एमएययू के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए अनूप मैथिल ने बताया कि आठ सितम्बर को एमएसयू की ओर से दरभंगा एम्स का शिलान्यास किया जाएगा। इसके लिए दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया व सीतामढ़ी जैसे दूर-दराज इलाकों के गांवों से हमलोग ईंट संग्रह करने का काम कर रहे हैं और आम लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।

 

हमारा मुलभूत अधिकार स्वास्थ्य व्यवस्था है। लेकिन, आज स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल है ये हम सभी से छुपा नहीं है। डीएमसीएच की क्या हाल है ये किसी को बताने की जरुरत नहीं है। एक पेरासिटामोल टेबलेट तक यहां लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होता है। आम लोगों को अच्छे इलाज के लिए पटना या फिर बिहार के बाहर जाना पड़ता है। नहीं तो प्राइवेट हॉस्पिटल का दरवाजा खट-खटाना पड़ता है। जहां पर जीवन भर की कमाई एक झटके में प्राइवेट हॉस्पिटल वाले लोगों से खिंच लेते हैं। अगर एम्स का निर्माण होगा तो कम पैसा में लोगों को अच्छी स्वास्थ्य व्यस्था मिलेगा यह लोगों से बताया जा रहा हैं और हर घर से एक ईंट लेकर उस पर एम्स लिख आठ सितम्बर के आंदोलन के लिया संग्रह किया जा रहा है। इस ईंट को आठ सितम्बर को एम्स शिलान्यास के लिए ले जाया जाएगा।

एमएसयू के सदस्य अमन ने कहा कि वर्ष 2014 में गोरखपुर एम्स का घोषणा हुआ और 2018  से ही गोरखपुर एम्स लोगों को स्वास्थ्य सुविधा भी मिल रही है। इसी तरह से एम्स गुवाहाटी और एम्स विजयपुर इसके उदाहरण हैं। यहां तक कि दरभंगा एम्स की घोषणा के दो वर्ष बाद 2017 में जिस देवघर और राजकोट में एम्स का निर्माण की घोषणा हुई वहां मात्र दो साल व तीन साल में एम्स का निर्माण कर चिक्तिसा सेवा बहाल किया जा चूका है। इधर, दरभंगा एम्स के घोषणा के छह साल बीत जाने के बावजूद इलाज की क्या बात करें भवन निर्माण के लिए एक ईंट तक नहीं गिराना सरकार की मंशा को स्पष्ट कर रहा है।

 

सरकार चाहती है कि इसी योजना पर वर्ष 2024  और वर्ष 2025  का लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ा जाए। वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव से पहले इस एम्स का शिलान्यास किया जाएगा। जिस पर 2025  में भी वोट ले लिया जाएगा और फिर एम्स निर्माण वर्ष 2029  लोकसभा चुनाव से पहले कर लोगों से वोट लेने का तैयारी किया जाएगा। लेकिन, ये सब अब नहीं चलेगा। आम लोग जागरूक हो चुके हैं। दरभंगा एम्स का निर्माण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। एमएसयू के अर्जुन कुमार दास ने कहा कि आठ  सितम्बर को हम लोगो के द्वारा एम्स का शिलान्यास किया जाएगा। हमारी मंशा हैं कि बिहार सरकार और केंद्र की सरकार की नजर एम्स निर्माण पर जाए। जिस तरह से राम मंदिर बनाने के लिए देश भर से ईंट संग्रह किया गया, उसी तरह से मिथिला क्षेत्र में अच्छी स्वास्थ्य सुविधा के लिए एम्स निर्माण हो, इसके लिए ईंट संग्रह किया जा रहा हैं। यह अपने आप में एक अनोखी पहल है।

नौ अगस्त को कर्पूरी चौक से डीएम कार्यालय तक एम्स निर्माण को लेकर पैदल यात्रा भी निकाला गया। ताकि, प्रशासन का इस ओर ध्यान जाए। हमारा एक मात्र उद्देश्य है कि दरभंगा एम्स का निर्माण जल्द से जल्द किया जाए। कोई भी नेता अगर वोट मांगने यहां आते हैं तो पहले एम्स का निर्माण करें फिर चुनाव का प्रचार। अगर, हमारी मांगों पर कारवाई नहीं होता हैं तो हमलोग आगे और भी उग्र आंदोलन करेंगे और जब तक दरभंगा एम्स का निर्माण ना हो जाए। हमलोग इस आंदोलन को लगातार जारी रखेंगे।

 

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