‘चरैवेति! चरैवेति!!’ पुस्तक के तमिल संस्करण का तमिलनाडु के राजभवन में हुआ विमोचन

पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक के संस्मरणों पर आधारित ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ पुस्तक का विमोचन समारोह तमिलनाडु के राजभवन में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. तमिलनाडु के राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित के करकमलों द्वारा तमिल भाषा में अनुवादित ‘मुन्नैरिदे! मुन्नैरिदे!!’ का लोकार्पण किया गया.

इस दौरान राज्यपाल बनवारीलाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि राम नाईक द्वारा लिखित ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ पुस्तक का तमिल में अनुवाद होने से तमिलनाडु का सम्मान बढ़ा है. तमिल जाननेवाले प्रत्येक व्यक्ति को यह प्रेरणादायी पुस्तक जरुर पढनी चाहिए.

इस समारोह के विशेष अतिथि एवं रिजर्व बैंक के निदेशक एस. गुरुमूर्ति श्री राम नाईक की पुस्तक की प्रशंसा करते हुए कहा कि  ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ की यशोगाथा का प्रमुख कारण है कि श्रीराम नाईक ने बहुत ही प्रमाणिक रूप से अपना जीवन जिया और भारतीय संस्कृति के प्रति सदैव वह समर्पित रहे. राज्यपाल बनावारीलाला एवं गुरुमूर्ति दोनों ही श्रीराम नाईक से विगत ४० वर्षो से सुपरिचित है. स्वाभाविक रूप से उनकी समीक्षा ने तमिलनाडु के लोगों में पुस्तक की उत्सुकता को बढाया.

श्रीराम नाईक ने अपनी पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और उसकी विशेषताओं से परिचित करवाया. साथ ही राजनैतिक महत्वकांक्षी लोगों को सफल होने के लिए गुरु मंत्र भी दिया.

उन्होंने आगे तमिलनाडु की जनता का अभिनंदन करते हुए यह उम्मीद जताई कि जैसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना को नियंत्रित रखने में अहम् भूमिका निभाई उसी तरह तमिलनाडु भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा. स्वतंत्रता अमृत महोत्सव सबको सुखी-समृद्ध बनाये, इसी शुभकामनाओं के साथ उन्होंने तमिलनाडु की जनता को बधाई दी.

‘चरैवेति! चरैवेति!!’ का तमिल अनुवाद ‘मुन्नैरिदे! मुन्नैरिदे!!’ नई दिल्ली के चाणक्य वार्ता द्वारा प्रकाशन किया गया है. जिसे ४ अनुवादकों ने मिलकर अथक प्रयास से तमिल में अनुवादित किया है. अनुवादकों का भी समारोह में अभिनंदन किया गया.

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