आईआईएसएफ 2020: विज्ञान का एक अनोखा महोत्सव

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22से 25दिसंबर 2020के दौरानभारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) का आयोजन किया गया। यह विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता का एक उत्सव है।

कोहरे में कोरोना

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स्मॉग के रास्ते कोरोनावायरस हमारे सांस और फेफड़ों में पहुंच सकते हैं, जो इनके संक्रमण का असली पड़ाव और आश्रय स्थल है। इसलिए जरूरी है कि वैक्सीन या कारगर दवाई आने तक सभी लोगों द्वारा सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी हिदायतों का सख्ती से पालन किया जाए। मास्क स्मॉग के साथ-साथ कोरोनावायरस के प्रवेश को भी रोकेगा। हाथों को साबुन से धोना और दो गज की दूरी तो है ही जरूरी।

विज्ञान और तकनीकी उन्नति के संग भारत की आत्मनिर्भरता

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आत्मनिर्भर भारत मिशन का लक्ष्य दुनिया के देशों से परस्पर साझेदारी-सहयोग को आगे बढ़ाते हुए भारत को अपने पैरों पर खड़े होने का है। इस नए आगाज में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और तकनीक का स्वागत है।

वैक्सीन का है सबको जिसका इंतजार

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इस समय कुल 19 वैक्सीन कैंडिडेट के क्लिनिकल परीक्षण चल रहे हैं। भारत में भी आईसीएमआर के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा ‘कोवैक्सिन’ वैक्सीन निर्माण की प्रक्रिया जारी है। भारत सहित दुनिया के अनेक देश वैक्सीन निर्माण की प्रक्रिया में युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं। लेकिन वैक्सीन निर्माण एक लम्बी प्रक्रिया है।

कोरोना का मन पर भी बुरा असर

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कोविड-19 के संकट के दौरान सहज बने रहें, आवश्यक सावधानियां बरतते रहें तथा इस महामारी के बाद अपने जीवन के लिए खुद को कैसे तैयार करना है, इसकी तैयारी भी करें। महामारी के इस वर्तमान दौर में शरीर और मन को स्वस्थ रखने के नए दिशानिर्देशों को अपनाना बहुत जरूरी है।

कहर कोरोना वायरस का…

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कोरोना वायरस चीन में कहर बरपा रहा है। इसका कोई टीका अभी उपलब्ध नहीं है। बार-बार साबुन से हाथ धोना और घर-परिसर को स्वच्छ व प्रदूषण रहित रखना इससे बचने के उपाय हैं।

वन्य जीवों के नष्ट होते पर्यावास

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वन्य जीवों का विलोपन पृथ्वी पर जीवन के लिए एक आपातकाल जैसी स्थिति के समान है और इस प्रक्रिया पर लगाम नहीं लगने से मानव सभ्यता और अस्तित्व को खतरा है, क्योंकि मनुष्य सहित सभी जीवों से बना पारितंत्र पृथ्वी पर जीवन को संचालित करता है। मानव सभ्यता के विस्तार…

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