कृष्णं वंदे जगद्गुरूम्

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जिन्हें भारतीय जीवन मूल्य एवं विचार दर्शन का पूर्ण रूप से आकलन करना है उनके लिए पूर्णावतार श्रीकृष्ण का चरित्र एवं विचार दीपस्तंभ की तरह हैं। विश्ववंद्य भगवद् गीता का उद्गाता, महाभारत के अधिनायक भगवान श्रीकृष्ण याने धर्माधिष्ठित समाज नीति एवं राजनीति का सुंदर संगम है।

राष्ट्रीय संत नामदेव

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नामदेव महाराष्ट्र के पहले ऐसे संत हैं जिन्होंने विट्ठल नाम भक्ति का परचम महाराष्ट्र से बाहर भी फहराया। गुजरात, राजस्थान होते हुए पंजाब तक पहुंच कर संत नामदेव ने जो भी कार्य किया उसे महान राष्ट्रीय कार्य ही कहा जा सकता है। सिक्खों के धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ स

काशी विश्वनाथ का महत्व

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खाक भी जिस जमीं की पारस है,शहर मशहूर वह बनारस है । ‘श्री काशी’, ‘वाराणसी’,‘बनारस’,‘मोक्ष नगरी’,‘मुक्ति क्षेत्र’ इत्यादि नामों से जग विख्यात परम पावन पुण्य नगरी है काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग क्षेत्र।

महाराष्ट का सांस्कृतिक वैभव पंढरपुर की ‘वारी’

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‘वारी’ यानी पैदल यात्रा। पंढरपुर तीर्थक्षेत्र। पंढरपुर की ‘वारी’ महाराष्ट्र का सांस्कृतिक वैभव और पारमार्थिक ऐश्वर्य है। इस ‘वारी’ की प्राचीन परम्परा व इतिहास है। पंढरपुर की ‘वारी’ का जिक्र चौथी और पांचवीं सदी में मिले ताम्रपटों में मिलता है।

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