प्यार का भूत

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प्रेम करना कोई गुनाह नहीं है, प्रेम में जाति-धर्म, ऊंच-नीच का भी बंधन नहीं है, पर जीवन भर के साथ के लिए जिंदगी में सही निर्णय लेना बहुत जरूरी है, जो तुम्हें लेना है। सच्चा प्यार, विश्वास, संस्कार, परिवार, रीति-रिवाज आदि ये सब वैवाहिक जीवन के आधार हैं।

मदरसे: आतंकवाद की नर्सरी

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कट्टरपंथ और मदरसे के सम्बन्धों पर लंबे समय से बहस चल रही है, लेकिन इनके प्रति राजनीतिक नेतृत्व की नरम स्थिति के कारण, कानून प्रवर्तन एजेंसियां हमेशा कोई कड़ी जांच करने और किसी भी गंभीर कार्रवाई करने में संकोच करती रही हैं।

ट्रंप की पराजय से कितने बदलेंगे भारत-अमेरिका रिश्ते

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तत्कालिन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में जो बाइडेन उप राष्ट्रपति थे और भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के जबर्दस्त समर्थक थे। उन्होंने पहले सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष के रूप में और बाद में उप राष्ट्रपति के रूप में अमेरिका की भारत-समर्थक नीतियों को आगे बढ़ाया। वस्तुतः उपराष्ट्रपति बनने के काफी पहले सन 2006 में उन्होंने कहा था, ‘मेरा सपना है कि सन 2020 में अमेरिका और भारत दुनिया में दो निकटतम मित्र देश बनें।’

भारत-अमेरिका: नैचरल पार्टनर

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निष्पक्ष चुनाव मजबूत लोकतंत्र की आधारभूत आवश्यकता और पहला पायदान होते हैं। पिछले महीने में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए और भारत के बिहार राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव हुए थे। दोनों ही चुनाव भारत की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण थे।

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