पीएम मोदी अमेरिका में किस किस के साथ करेंगे बैठक?

 

इस बात में कोई संदेश नहीं है कि जब से नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला है तब से विश्व में भारत नाम उपर उठा है और भारत अपनी विदेश नीति के चलते बाकी देशों के करीब आया है। भारत को सभी देश अब प्रमुख देशों की लिस्ट में रखने लगे हैं जबकि इससे पहले शायद ऐसा नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विदेश नीति को बदला है जिसका सकारात्मक असर अब दिखाई दे रहा है और बाकी देश अब भारत के साथ खड़े हो रहे है जबकि पाकिस्तान को सिर्फ चीन की मदद मिल रही है। 
अपनी इसी विदेश नीति को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के लिए रवाना हो गए है। मोदी की यह 3 दिवसीय अमेरिकी यात्रा है जहां वह अमेरिका के राष्ट्रपति सहित कई और देशों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। पीएम मोदी के साथ इस यात्रा में विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल हैं। पिछले करीब 8 महीने में मोदी और बाइडन के बीच दो बार वर्चुअल बैठक हो चुकी है लेकिन अब 24 सितंबर को दोनों की प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात होगी और इस दौरान कई अहम मुद्दों पर फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अफगानिस्तान में बदले हालात से पूरा विश्व चिंता में है क्योंकि सभी को यह पता है कि अफगानिस्तान में जो सरकार बनी है वह आतंकियों की सरकार है ऐसे में आतंकी संगठनों को वहां से मदद मिलने की उम्मीद है और यह पूरे विश्व के लिए खतरा है। 24 सितंबर को होने वाली बैठक में पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन भारत अमेरिका व्यापार रणनीति, पारस्परिक हित और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वहीं इस कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी 23 सितंबर को जापान और ऑस्ट्रेलिया के पीएम से भी मुलाकात करेंगे साथ ही अमेरिका के कुछ बड़ी कंपनियों के CEO के साथ बैठक करेंगे। 24 सितंबर को बाइडेन से मुलाकात के बाद क्वाड बैठक में हिस्सा लेंगे। 25 सितंबर को मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करेंगे और फिर 26 को भारत वापसी होगी।
आतंकवाद विश्व के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है और सभी देश इस पर एक जुट होने के लिए अब तैयार है। आतंकवाद जिस तेजी से अपना पैर पसार रहा है वह दिन दूर नहीं होगा जब कई छोटे देश इसकी गिरफ्त में हो जायेंगे। अफगानिस्तान इसका ताजा उदाहरण है जहां लोगों को अपना घर परिवार सब कुछ छोड़कर भागना पड़ा और आज अफगानिस्तान पूरी तरह से आतंकवादियों के हाथ में हो चुका है। वहां शरिया कानून लागू किया जा रहा है और जो उसका विरोध करता है उसे जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
पीएम मोदी का यह अमेरिका दौरा करीब 2 साल बाद हो रहा है इससे पहले सन 2019 में वह ब्राजील की यात्रा पर गये थे जिसके बाद कोरोना ने पूरी दुनिया पर ब्रेक लगा दिया था। हालांकि हाल ही में उन्होने बांग्लादेश का दौरा किया था लेकिन वह बहुत ही छोटा दौरा था।

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