संघ प्रमुख मोहनजी भागवत और मुलायम सिंह की मुलाकात के मायने

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें एक सोफे पर संघ प्रमुख मोहनजी भागवत और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव बैठें है वैसे तो यह एक मात्र तस्वीर है लेकिन ठीक उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले संघ प्रमुख का मुलायम सिंह से मिलना बाकी दलों के लिए जहर का काम कर गया है। राजनीतिक चश्मे से देखें तो सपा मुस्लिमों को अधिक महत्व देती है ऐसे में मुलायम सिंह के साथ मोहनजी भागवत का मिलना बाकी दलों को बहुत अंदर तक खल गया और कांग्रेस से तो रहा भी नहीं गया और कांग्रेस की तरफ से ट्वीट भी किया गया। इस ट्वीट के माध्यम से कांग्रेस ने सपा पर कटाक्ष किया और यह बताने की कोशिश करती नजर आयी कि सपा अपने रास्ते से भटक रही है। कांग्रेस ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘नई सपा’ में ‘स’ का मतलब ‘संघवाद’ है? 

कांग्रेस के इस ट्वीट के बाद सपा में खलबली मची और खुद पर लगे आरोपों साफ करते हुए कांग्रेस को राजनीतिक शिष्टाचार का पाठ पढ़ा डाला। सपा की तरफ से कटाक्ष करते हुए कहा गया कि जिस तस्वीर को देखकर कांग्रेस परेशान हैं उसी तस्वीर वाले कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के कई नेताओं ने नेताजी (मुलायम सिंह) का आशीर्वाद लिया है। इसके साथ ही सपा की तरफ से एक और तस्वीर पोस्ट की गई और खुद को संघ से दूर होने का प्रमाण दिया गया। इस ट्वीट के बाद कांग्रेस ने कदम पीछे ले लिया और खिसियानी बिल्ली की तरफ सपा की तारीफ करने लगी और इस पूरी बात को इस पर खत्म किया गया कि मुलायम सिंह संघ प्रमुख मोहनजी भागवत को आशिर्वाद दे रहे थे। 

सनातन धर्म की एक प्रथा है कि अगर दुश्मन भी बड़ा है तो उसे प्रणाम किया जाता है चाहे वह युद्ध स्थल ही क्यों ना हो! महाभारत की लड़ाई में भी यह देखने को मिला था कि अर्जुन युद्ध से पहले कौरव की सेना में शामिल भीष्म सहित सभी बड़ों को प्रणाम करते थे। मुलायम सिंह यादव और संघ प्रमुख मोहनजी भागवत की मुलाकात के दौरान भी ऐसा कुछ हुआ हो और दोनों लोग एक साथ सोफे पर बैठकर बातें करने लगे। किसी मिलना और बातें करना गलत नहीं है। व्यक्ति हर समय राजनीतिक विचारधारा से परिपूर्ण नहीं होता है कभी कभी और भी बातें हो सकती है लेकिन यह कांग्रेस के मन का डर है जो उसे डरा रहा है। कांग्रेस अपना अस्तित्व हर दिन खोता जा रहा है और उसे इस बात का डर हमेशा रहता है कि कहीं कोई पार्टी उससे दूरी ना बना ले और इसी डर की वजह से कांग्रेस ने यह ट्वीट किया। 

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सरकारी आवास पर एक पारिवारिक समारोह में राजनीति जगत की सभी हस्तियों को निमंत्रण दिया गया था जिसमें मुलायम सिंह यादव और संघ प्रमुख मोहनजी भागवत भी शामिल हुए। समारोह में एक दूसरे से मुलाकात हुई और बातें होने लगी। एक ही सोफे पर चल रही मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी। उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाला है जिससे राजनीति अभी गरमाई हुई है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता तो आना बहुत दूर की बात है लेकिन वह किसी सहयोगी के भरोसे बीजेपी को बाहर करने का प्रयास कर रही है ऐसे में सपा प्रमुख का संघ प्रमुख से बात करना एक अलग ही रणनीति की तरफ इशारा करने लगता है। इन दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात के बाद क्या यूपी चुनाव में कोई फेरबदल होगा? संघ प्रमुख ने मुलायम सिंह से क्या बात की होगी? कहीं कांग्रेस को बाहर करने को लेकर कोई चर्चा तो नहीं हुई? ऐसे तमाम सवाल लोगों के मन में पैदा हो रहे होंगे। 

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