प्रज्ञा प्रवाह बैठक में हिन्दू राष्ट्र पर हुई चर्चा

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी का प्रतिस्पर्धी नहीं है बल्कि यह हिन्दू राष्ट्र के लिए काम करता है और धर्म व राष्ट्र के लिए काम करने वाले तमाम हिन्दू संगठनों का सहयोग करता है। सरसंघचालक मोहनजी भागवत ने मध्य प्रदेश में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित अखिल भारतीय चिंतन बैठक में हिस्सा…

‘अखंड भारत के रास्ते में जो आएगा वह मिट जायेगा’

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा से अखंड भारत की बात करता आ रहा है लेकिन आज सरसंघचालक मोहनजी भागवत ने इस पर एक बयान दिया जिसके बाद से राजनीति में भी हलचल शुरु हो गयी है। हरिद्वार में मोहनजी भागवत ने कहा कि 15 सालों में अखंड भारत का सपना भी पूरा हो…

मैं एक साधारण स्वयंसेवक

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स्वयंसेवक को बुद्धिवाद नहीं चाहिए : अब कोई यदि सोचता हो कि मैं बड़ा बुद्धिमान् हूँ और बुद्धि के बल पर दूसरे को संघ-कार्य की अच्छाई समझा दूंगा और वह हमारे साथ आयेगा, तो यह उसकी भूल है। माना कि अपने पास बुद्धि है, हम लोगों से वाद विवाद और…

राष्ट्रभक्ति के निर्माण का साधन बनें स्वयंसेवक

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उदयपुर:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश ‘भय्याजी’ जोशी ने कहा कि देशभक्ति सिर्फ विचार-विमर्श और बुद्धि के विलास का विषय नहीं है। यह आचरण का विषय है. व्यक्ति के आचरण में जब देशहित का भाव निहित होगा, तब देशभक्ति के आचरण से ओतप्रोत समाज का…

“भारत हिंदू राष्ट्र है” – डॉ. हेडगेवार जी

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भारत के सबसे बड़े समाजसेवी व राष्ट्रभक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के संस्थापक डॉ.केशवराव  बलिराम हेडगेवार का जन्म युगाब्द 4991 के चैत्र षुक्ल प्रतिपदा ( 1 अप्रैल 1889 /इस वर्ष 2 अप्रैल) को नागपुर के एक गरीब वेदपाठी परिवार में हुआ था। डॉ.हेडगेवार जी के पिता श्री बलिराम पंत व …

युगद्रष्टा संघ संस्थापक – डॉ. हेडगेवार

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डॉक्टर हेडगेवार सामान्य दिखने वाले पर असामान्य कर्तृत्व के धनी थे। वे युगद्रष्टा थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आज का विस्तार और कार्य उनके चिंतन और संगठन कौशल, राष्ट्रभक्ति का ही परिणाम है। उनकी पुण्य स्मृति को उनके जन्मदिन पर विनम्र अभिवादन। संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार सामान्य से दिखने वाले…

क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

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आ सिंधु-सिंधु पर्यन्ता, यस्य भारत भूमिका l पितृभू-पुण्यभू भुश्चेव सा वै हिंदू रीति स्मृता ll इस श्लोक के अनुसार “भारत के वह सभी लोग हिंदू हैं जो इस देश को पितृभूमि-पुण्यभूमि मानते हैं” वीर दामोदर सावरकर के इस दर्शन को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मूलाधार बनाकर संघ का संगठन,…

आत्मीयता से ही समाज परिवर्तन होता है

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काशी:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज में परिवर्तन आत्मीयता और सेवा से ही आता है। समूह में तो पशु पक्षी भी रहते हैं किन्तु सबको जोड़ने वाला, सबकी उन्नति करने वाला धर्म कुटुम्ब प्रबोधन है। यह परिवार में संतुलन, मर्यादा तथा स्वभाव…

स्वरांजलि राष्ट्रधर्म आराधना, समूह गान प्रतियोगिता

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हरनन्दी महानगर, मेरठ प्रान्त : रविवार, 27 मार्च 2022; राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरनन्दी महानगर द्वारा गौर सिटी स्थित राधा कृष्ण पार्क में एक वृहद समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुआ। कुल 15 नगरों के टीम के 300 प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए। संघ की शाखाओं में नित्य प्रति गाये…

मानव धर्म ही आज हिन्दू धर्म है – डॉ. मोहन भागवत

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परिवार संरचना प्रकृति प्रदत्त है, इसलिये इसको सुरक्षित रखना व उसका सरंक्षण करना हमारा दायित्व है।परिवार असेंबल की गयी इकाई नहीं है, यह संरचना प्रकृति प्रदत्त है इसलिये हमारी जिम्मेदारी उनकी देखभाल करने की भी है।।आज हम इसी के चिंतन के लिए यहां बैठे है।।हमारे समाज की इकाई कुटुम्ब है,व्यक्ति…

आरएसएस: स्व से स्वराज्य और आत्मनिर्भर भारत

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अपनी स्थापना के बाद से, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों का पालन किया है।  स्वामी विवेकानंद की दृष्टि राष्ट्र की महिमा को बहाल करना था, और उन्होंने हमारे युवाओं में भारत में आत्मनिर्भरता में विश्वास पैदा करने के लिए एक मजबूत सांस्कृतिक और धार्मिक नींव के साथ…

सरस्वती शिशु मंदिर के आधार स्तम्भ सीताराम अग्रवाल

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सेवा के लिए संवेदना आवश्यक है। ऐसे ही एक संवेदनशील व्यक्ति थे विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री तथा सेवा प्रमुख श्री सीताराम अग्रवाल, जिनका जन्म 16 मार्च, 1924 को औरैया (इटावा, उ.प्र.) में श्री भजनलाल एवं श्रीमती चंदा देवी के घर में हुआ था।  1942 में वे ‘भारत छोड़ो…

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