वक्त हर जुर्म तुम्हें लौटा देगा
पर्यावरण दो शब्दों के मेल से बना है। परि और आवरण। परि अर्थात अच्छी तरह और आवरण अर्थात संरक्षीत। दूसरे...
पर्यावरण दो शब्दों के मेल से बना है। परि और आवरण। परि अर्थात अच्छी तरह और आवरण अर्थात संरक्षीत। दूसरे...
लोकमान्य तिलक ने अपने ज्ञान और विद्वत्ता के महासागर के आधार पर ‘गीता रहस्य’ सादर की है। गीता रहस्य तिलक...
साप्ताहिक विवेक के आगामी ग्रंथ राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर हेतु मा. मोहनजी भागवत का साक्षात्कार अमोल पेडणेकर तथा रवि...
कहते हैं कि भारतीय मानस को समझना हो तो भारत में मनाए जाने वाले त्योहारों, उत्सवों, परम्पराओं को समझना महत्वपूर्ण...
गांधी जी के विचारों और यशस्वी जीवन को हम समझें तो पता चलेगा कि जीवन से जुड़ी छोटी छोटी बातें...
प्रसिद्ध संघ विचारक और लेखक श्री रमेश पतंगे ने वेब पर ‘हिंदी विवेक’ की आत्मनिर्भर भारत भेंटवार्ता शृंखला के दौरान...
कोरोना संकट, इस दौरान सेवा कार्यों, आत्मनिर्भर भारत, राम मंदिर से उत्पन्न आत्मसम्मान की भावना आदि अनेक विषयों पर राष्ट्रीय...
लगभग 35 वर्षों बाद नई जीवनानुकूल शिक्षा प्रणाली आ रही है। नई शिक्षा नीति में ऐसे छात्रों का निर्माण होगा,...
महाराष्ट्र की संस्कृति का, साहित्य का प्रवाह निरंतर बहते हुए हम देख रहे हैं। विशिष्ट चरण पर आकर स्थिर हुए...
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी के व्यक्तित्व के बारे में जब हम सोचते हैं तो एक बात खुलकर सामने आती...
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मविश्वास से भरा सम्बोधन सुनने के बाद देश...
कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व इतना लचर, अक्षम व कमजोर है कि अपने ही नेताओं के बीच उत्पन्न स्वार्थप्रेरित अंदरूनी कलह...
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