कोरोनामिक्स भारत बन सकता है चीन का विकल्प

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कोरोना महामारी के बाद वैश्विक कम्पनियां बहुत तेजी से चीन छोड़ रही हैं। भारत के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। वर्तमान सरकार की नीतियां और टैक्स में छूट की अवधारणा इस मामले में सोने पर सुहागा साबित होगी। अब आवश्यकता है तो सरकार द्वारा की जा रही सार्थक पहल को और तेज करने की, ताकि इस मौके का लाभ भारत को बड़े स्तर पर मिल सके।

सरेंडर होते पड़ोसियों के बीच मजबूत भारत

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सुकून की बात यह है की जहां भारत के पडोसी बुरी तरह से परेशान हैं वहां भारत की स्थिति उनसे बेहतर है. भारत का रुपया भी अन्य देशों की तुलना में कम दर से गिरा है डॉलर के मुकाबले. भारत के सनातन और माइक्रो इकॉनमी का जाल इस तरह बुना है की यह बड़े से से बड़े झटके को भी बर्दाश्त करने की क्षमता अभी भी बनाये हुआ है. 70 फीसदी इकॉनमी एग्रो होने के कारण और एग्रो में आत्मनिर्भर होने के कारण भारत के पास यह आत्मविश्वास है कि वह भूखा नहीं सोयेगा और यही आत्मविश्वास और इससे उपजा हौसला इसे लड़ाई में आगे रखे हुए है. भारत की कैपेसिटी बिल्डिंग के तहत जो भी योजनाएं चलाई गईं खासकर के आधारभूत ढांचे का, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत इन सब ने इस लड़ाई में मजबूती से भारत का साथ दिया है, यही कारण है की इस वैश्विक मंदी में भी भारत अभी भी मजबूती से लड़ रहा है जबकि आसपास के देश सरेंडर कर रहें हैं. 

सही शिक्षा का महत्व

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शिक्षा का अंतिम लक्ष एक स्वतंत्र रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए, जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्रकृति की प्रतिकूलताओं से लड़ सके: डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन।

आपातकाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

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20 जून, 1975 को, कांग्रेस ने एक विशाल रैली की, जिसमें देवकांत बरुआ ने घोषणा की, "इंदिरा तेरी सुबह की जय, तेरी शाम की जय, तेरे काम की जय, तेरे नाम की जय," और इस जनसभा के दौरान इंदिरा गांधी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।

जोखिमों से भरा है क्रिप्टोकरेंसी

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भारत सरकार भी इसे करेंसी के रूप में हतोत्साहित करेगी क्योंकि यह तो सत्ता को चुनौती देने वाला मूक अस्त्र है। साथ में कुछ विनिमय प्रतिबंधों को लगाते हुए निवेश और संपत्ति के रूप में इसे परिभाषित कर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा और यही इसका भारत में और दुनिया में भविष्य होगा क्योंकि विश्व सत्ता शायद क्रिप्टो स्प्रिंग के रूप में इस आहट को सुन पा रहीं हैं। 

स्व की आध्यात्मिकता से राष्ट्रीय एकात्मकता और अखंडता आयेगी – डॉ. मोहन भागवत जी

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हम स्वाधीन हुये लेकिन अभी भी हम स्वतंत्र होने की प्रक्रिया में हैं।  इस स्वाधीनता के लिये सभी वर्ग क्षेत्र समाज के लोगों ने त्याग व् बलिदान दिया और स्वाधीनता को लेकर सबके मन  में समान भाव था. जो बातें कुंद्रा डिक्लेरेशन में सन 1830 में कही गई थी वही…

पेट्रोल डीजल में लगी महंगाई की आग

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मेरा मानना है कि सरकार को डीजल-पेट्रोल के दाम को कम करना चाहिए और वैकल्पिक ईंधन पर भी काम करना चाहिए। पेट्रोलियम में पुनः पूल फंड का इस्तेमाल करना चाहिए तथा इस तेल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए ताकि इस पर एक यूनिफार्म टैक्स आल इंडिया लग सके। अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग दर ना हो।

आधुनिक विज्ञान के अनुकूल वैदिक ज्ञान…

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हम भारतीय के रूप में महान संतों और हमारे पूर्वजों द्वारा लिखे गए पवित्र वेदों और हिंदू संस्कृति के ग्रंथों के गहरे और वास्तविक अर्थ को समझने में विफल रहे हैं।  मनोवैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो हमारे प्राचीन काल के किसी भी ज्ञान को कहानी के माध्यम से दिखाने…

चिकित्सा क्षेत्र में हो उत्कृष्टता के प्रयास

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हमें यह विश्लेषण करने की आवश्यकता है कि हम महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली जैसे कुछ राज्यों में कोरोना के द्वितीय चरण में एक टीम के रूप में कहां विफल हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कोविड रोगियों और मौतों में वृद्धि हुई। ऐसे कई उदाहरण थे जहां इंजेक्शन, दवाओं, ऑक्सीजन की आवश्यकता और बिस्तर के अति आवश्यकता के कारण लोगों का शोषण किया गया। बहुत से लोगों ने अपनी छोटी सी जमा पूंजी भी खो दी है। दूसरे चरण में जो भी गलतियां हुई हैं, उससे तीसरे चरण में किसी भी अनहोनी से बचने के लिए हमें सबक सीखने की जरूरत है।

वैश्विक महाशक्ति बनने की चीन की चालाकी

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 वैश्विक महाशक्ति बनने की चीन की चालाकी को पूरी दुनिया विशेषकर विकासशील देशों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।  चीन अपने क्षेत्र का विस्तार करने, ऋण जाल नीति के साथ वैश्विक बाजार पर कब्जा करने, नक्सलवाद और आतंकवाद का उपयोग उन देशों में अशांति पैदा करने के लिए कर रहा…

हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है भारतीय सेना

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 दुर्भाग्य से, भारत पाकिस्तान जैसे देश से, घिरा हुआ है जो आतंकवाद, सीमा पार से घुसपैठ और धार्मिक उग्रवाद में विश्वास करता है और चीन जो किसी भी तरह से अपने क्षेत्र के विस्तार में विश्वास करता है और नक्सलियों को प्रशिक्षण और हथियार और गोला-बारूद प्रदान करके सामाजिक अशांति पैदा करता है।

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