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शरिया अदालतें: धार्मिक राज्य स्थापित करने का षड्यंत्र

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मुस्लिमों में भी बहुत सारे अंतर्विरोध और पंथ हैं। वे अपने-अपने से कुरान और शरियत को परिभाषित करते हैं। इस स्थिति में पर्सनल लॉ बोर्ड की अलग शरियत अदालतें गठित करने की मांग न केवल मुस्लिमों को और विभाजित कर देगी; बल्कि देश के संविधान और धर्मनिरपेक्षता की भी ऐसीतैसी कर देगी।

इस्लाम में स्वर्ग और नरक

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मुहम्मद पैगंबर की तरह प्रत्येक धर्म संस्थापकों ने मनुष्य के पारलौकिक जीवन और स्वर्ग-नरक की संकल्पनाओं को रचा है। शायद उसका लक्ष्य केवल इतना ही था कि जनसाधारण सन्मार्ग पर चलें और दुष्कृत्यों से दूर रहें। आज की कसौटी तो यही है कि मानवता, आपस में भाईचारा और सहिष्णुता कायम करने से पृथ्वी पर ही स्वर्ग आ जाएगा। हजारो वर्षों पूर्व से ही प्रत्येक धर्म में मानव के मरणोत्तर अस्तित्व एवं उसके पारलौकिक जीवन के विषय में विविध मत रहे हैं एवं आज भी हैं। इसके अनुसार जीवितावस्था में जिसका जैसा व्यवहार हो उसे उसी के अनु

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