पश्चिम घाट और पर्यावरण

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पश्चिम घाट का उल्लेख करते ही पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील कहे जाने वाले 39 स्थानों का क्षेत्र नेत्रों के समक्ष आ जाता हैं। महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु इस राज्यों में फैला हुआ पश्चिम घाट जैव विविधताओं से परिपूर्ण है।

ज्यादा गम, कम खुशी अलबिदा-2012

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भारत में प्रणव मुखर्जी तथा अमरीका में बराक ओबामा की राष्ट्रपति पद पर ताजपोशी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश तथा कर्नाटक में राजनीतिक उठापटक, भ्रष्टाचार, काला धन, चर्चित चेहरों का निधन, आतंकी अजमल कसाब को फांसी, महाराष्ट्र मंत्रालय में आग जैसी घटनाओं ने बहुत रूलाया, तो दूसरी ओर अंतरिक्ष में सौवां प्रक्षेपण, मास्टर ब्लास्टर सचिन के सौवें शतक के रूप में साल 2012 सदैव लोगों के मानस पटल पर अंकित रहेगा।

हंसमुख चेहरा-मन विराट, ऐसे हैं भजन सम्राट

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दीपावली के अवसर पर हर घर के सामने प्रज्ज्वलित होते दीप अपने प्रकाश के माध्यम से यही संदेश प्रसारित करते हैं कि इंसान का इंसान से हो भाईचारा यही संदेश हमारा। भजन सम्राट का यह संदेश अगर हर भारतीय व्यक्ति अच्छी तरह से जान गया तो हर घर में हर दिन मनेगी दीपावली।

रामलीला के मंचन में पीछे नहीं है महाराष्ट्र

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‘अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता’ की कहावत को शब्दश: अंगीकार करते हुए महाराष्ट्र की राजधानी तथा भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में ख्यात मुंबई नगरी में विभिन्न देवी-देवताओं को मानने वालों की संख्या जिस तरह से बढ़ रही है, उसके आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा

2016 में बन जाएगा शिक्षा जगत का आदर्श केंद्र

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समाज की प्रगति ही मनुष्य की प्रगति है, इस प्रगति के लिए कुछ ऐसा करना पड़ता है, जो सबसे अलग हो, समाज के लिए आदर्श हो तथा जिसमें मानव मात्र का हित हो ।

जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मकाम राजेश खन्ना (1942 से 2012 तक)

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भारतीय फिल्मों के सौ वर्षों के इतिहास में यूं तो कई अभिनेता हुए लेकिन इन अभिनेताओं में कुछ तो चंद दिनों में ही भुला दिए गए तो कुछ दर्शकों के बीच इतने लोकप्रिय हुए कि फिल्मी दुनिया उनके नाम पर ही चलती रही।

मुसाफिर जाएगा कहां…

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देव आनंद अभिनीत फिल्मों तथा उनके गीतों का तुलनात्मक अध्ययन करने से यह ज्ञात होगा कि देव आनंद ने जिस भी फिल्म में अभिनय किया, वह यादगार तो रहा ही, साथ ही उनके द्वारा अभिनीत प्रत्येक फिल्म के हर गानों को अमरता ही प्राप्त हो गई।

जाने वो कौन सा देश, जहां तुम चले गए

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पंजाब के रोपड़ जिले के दल्ला गांव के लाल जगमोहन का नाम पिता सरदार अमरसिंह धमानी ने क्या बदला, बेटे ने मानो अपने पिता से वादा ही कर डाला।

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