जंग जिंदगी की

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“कुछ दिन बाद डॉ. अनूप स्वयं को थोड़ा स्वस्थ महसूस करने लगे। उन्हें अपने मरीज याद आने लगे थे। वे कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को खुद भुगतचुके थे। उन्होंने कोरोना के रोगियों को बचाने की मन में ठान ली और पुन... मरीजों की सेवा करने हेतु अपना रक्षा- कवच पहन कर, योद्धा बन हॉस्पीटल पहुंच गए। जिंदगी की जंग फिर शुरू हो गई थी!”

ममता की डोर

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“जब रिश्तों में स्वार्थ की भावना निहित हो जाती है और अहंकार की तूती बजने लगती है तो रिश्तों की डोर ऐसी टूटती है, कि स्नेह के मोती लाख समेटने पर भी नहीं सिमट पाते।”

वनों की आत्मकथा

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“आज जब मानव वन महोत्सव मनाता है, पर्यावरण दिवस मनाता है और वन्य जीवों को सुरक्षित रखने के अभियान चलाता है, तो हमें आशा की एक धुंधली किरण दिखाई देती है। हमें ऐसी अनुभूति होती है कि मनुष्य संभवतः सजग हो रहा है। कभी-कभी ऐसा भी लगता है कि वह…

रिश्तों के नए नाम

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“उस दिन गरिमा का स्त्रीत्व सार्थक हो गया था। उसकी ममता का सागर फूट पड़ा और दूध की धारा से आंचल भीग गया था। उसने अपनी बेटी को जोर से सीने से चिपका लिया... ममता के मोती उसके गालों से लुढ़क कर बेटी के गालों पर आ गिरे थे।” गरिमा…

विश्वास के पंख

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नैना सुबह पांच बजे उठ गई। उसने जल्दी- जल्दी कुछ घर के काम किए और फिर भगवान और बड़ों को प्रणाम कर फैक्टरी जाने के लिए तैयार हो गई। उसके मन में खुशी, उत्साह, डर, उमंग का मिलाजुला भाव था। वह चाहती थी कि उससे कहीं भी कोई त्रुटि न हो। इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी जो मिली थी उसे। नैना की जिंदगी का नया अध्याय आरंभ हो चुका था।

मोहे अपने ही रंग में रंग दे

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निकिता बहुत उमंग में थी, क्योंकि उसके पति नितिन ने एक लम्बे अरसे बाद उसे सिनेमा ले जाने की बात कही थी। अतः वह ऑफिस से जल्दी अपना काम पूरा कर के घर आ गई थी। उसने आकर खाना बनाया और तैयार होकर नितिन के आने की प्रतीक्षा करने लगी। उन्हें नौ बजे का शो देखने जाना था। नितिन के आने की प्रतीक्षा में वह दरवाजे पर आंख लगाए बैठी थी। बहुत देर तक नितिन नहीं आए तो वह सोफे पर पसर गई। उसने घड़ी देखी। घड़ी में साढ़े नौ बज रहे थे, पर नितिन अभी तक ऑफिस से घर नहीं आए थे। उसे चिंता होने लगी थी। उसने नितिन से बात करने के लिए मोबाइल उ

बाली में हिन्दू धर्म का विस्तार

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भारत के बाहर अन्य देशों में भी हिंदू धर्म तथा भारतीय सभ्यता के प्रमाण मिलते रहे हैं। बाली द्वीप इंडोनेशिया का हिस्सा है। वैसे वह मुस्लिम देश है, लेकिन बाली द्वीप पूर्णता हिन्दू है। इस विविधता को वे अपनी संस्कृति मानते हैं। बाली के मंदिर, संस्कृति, सभ्यता, धर्म, कला, नृत्य, संगीत आदि में हिन्दू धर्म का लुभावना रूप दर्शनीय है। मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे अपने परिवार के साथ इंडोनेशिया के खूबसूरत द्वीप बाली के दर्शन का सुअवसर प्राप्त हुआ। बाली की राजधानी डेनपसार पहुंचते ही वहां के रास्तों में निर्मित मूर्तियो

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