जीवन का आधार है जल और धरती-इन्हें बचाइए by वीरेन्द्र याज्ञिक 0 भारत के ऋषियों तथा मनीषियों ने प्रारंभ से ही प्रकृति को संपूज्य माना है। वेदों में विचार वर्णन है। अर्थवेद...