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सेवाव्रती देवो भव

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हमारी संस्कृति हमें बताती है, ‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव, आचार्यदेवो भव’-माता, पिता एवं आचार्य (गुरू) ये देवता स्वरूप हैं। इसमें...

सत्यार्थ-पर्यटन

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महर्षि दयानंद का ‘सत्यार्थ प्रकाश’ एक अद्भुत ग्रंथ है। इसमें उन्होंने शैतान व्यक्ति से पाप करवाता है इस भ्रांति कोे...

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