राज ठाकरे के वर्तमान तेवर के मायने

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राज ठाकरे अचानक इस ढंग से पूरे देश में कई दिनों तक चर्चा के विषय रहेंगे और उनके साथ भारी संख्या में जनशक्ति दिखाई देगी इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। लंबे समय से ऐसा लग रहा था जैसे राज ठाकरे राजनीति में सक्रिय है ही नहीं। पिछले…

मानव धर्म ही आज हिन्दू धर्म है – डॉ. मोहन भागवत

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परिवार संरचना प्रकृति प्रदत्त है, इसलिये इसको सुरक्षित रखना व उसका सरंक्षण करना हमारा दायित्व है।परिवार असेंबल की गयी इकाई नहीं है, यह संरचना प्रकृति प्रदत्त है इसलिये हमारी जिम्मेदारी उनकी देखभाल करने की भी है।।आज हम इसी के चिंतन के लिए यहां बैठे है।।हमारे समाज की इकाई कुटुम्ब है,व्यक्ति…

मानव समाज के कतिपय दोष

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तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि भावार्थ : मनुष्य को यह जानना चाहिए कि शास्त्रों के विधान के अनुसार क्या कर्तव्य है और क्या अकर्तव्य है । उसे विधि-विधानों को जानकर कर्म करना चाहिए जिससे वह क्रमशः ऊपर उठ सके। तात्पर्य : वेदों के सारे विधि-विधान कृष्ण को…

हिंदु और हिंदुत्व की शौर्यगाथा

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हाल ही में एक राजनीतिक नेता ने हिंदुत्व को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की है।  जाति व्यवस्था में जहर घोलने में नाकाम रहने के कारण हिंदुओं को अपने धर्म और संस्कृति पर शर्मिंदगी महसूस कराने के लिए नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। आइए पहले हिंदू धर्म को परिभाषित करें। सनातन…

स्व की आध्यात्मिकता से राष्ट्रीय एकात्मकता और अखंडता आयेगी – डॉ. मोहन भागवत जी

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हम स्वाधीन हुये लेकिन अभी भी हम स्वतंत्र होने की प्रक्रिया में हैं।  इस स्वाधीनता के लिये सभी वर्ग क्षेत्र समाज के लोगों ने त्याग व् बलिदान दिया और स्वाधीनता को लेकर सबके मन  में समान भाव था. जो बातें कुंद्रा डिक्लेरेशन में सन 1830 में कही गई थी वही…

हिन्दू और हिंदुत्व में बस इतना सा अंतर है

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हिंदू धर्म व हिंदुत्व में अंतर है, यह बहस चल रही है। हिंदू धर्म व हिंदुत्व में अंतर नहीं है। हिंदुत्व हिंदू धर्म का प्रयोग है। हिंदू धर्म यदि सिद्धांत हैं तो हिंदुत्व उसका प्रयोग है। उदाहरण देखें.... अहिल्या का उद्धार करना हिंदू धर्म है और बाली का संहार करना…

भारत विरोधी षड्यंत्र को समझे हिन्दू मुसलमान – मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

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त्रिपुरा में मस्जिदों पर हुए हमलो के प्रतिक्रियास्वरूप महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर मुस्लिम संगठनों के द्वारा मोर्चा के आयोजन किया गया । इस निषेध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और हिंसक घटनाएं भी हुई ऐसे समाचार प्रकाशित हुए हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने पहले भी इस प्रकारकी हिंसा की…

संघ प्रवाही है अत: प्रासंगिक है

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सामान्य तौर पर लोग इस वटवृक्ष को संघ परिवार भी कहते हैं, परंतु संघ का स्वयं का मानना है कि ऐसा कोई संगठनों का समूह उसने तैयार नहीं किया जिसे संघ परिवार कहा जाए। संघ समाज में एक संगठन नहीं है बल्कि समाज का संगठन करने वाला एक सतत प्रवाह है। इसीलिए समय के साथ-साथ इसकी प्रासंगिकता भी बढ़ती रही है।

जयंती विशेष: लक्ष्मणराव इनामदार से नरेंद्र मोदी को क्यों है इतना लगाव?

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संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक उन्हें 'वकील साहब' के नाम से जानता था जबकि संघ के बाहर के लोग उन्हें लक्ष्मणराव इनामदार के नाम से जानते थे। वह बहुत ही सरल जीवन व्यतीत करते थे और पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया था, वैसे तो उन्होंने बहुत सारे स्वयंसेवकों…

संघ शिक्षा वर्ग 2021: स्वयंसेवकों व नये नियमों के तहत शुरु होगा संघ शिक्षा वर्ग

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Thiruvananthapuram: RSS activists taking out Path Sanchalan, a route march in the new uniform on the occasion of Vijay Dashami in Thiruvananthapuram on Sunday. PTI Photo (PTI10_9_2016_000230B)
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आचार्य चाणक्य ने कहा था कि, 'जिस देश में शांति के समय में जितना अधिक पसीना बहेगा युद्ध के समय उतना ही कम खून बहेगा' यह लाइन का अर्थ है कि मुसीबत आने से पहले उसके खिलाफ की तैयारी करके रखना चाहिए। परेशानी किसी भी रूप में हो सकती है लेकिन…

भारत में हिन्दू-मुस्लिम के पूर्वज एक – मोहन भागवत

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सरसंघचालक मोहन जी भागवत ने एक बार फिर हिन्दू व मुसलमानों को लेकर बयान दिया और कहा कि हिन्दू और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे और देश का हर नागरिक हिन्दू है। सरसंघचालक के इस बयान के बाद से राजनीति में उबाल आना तो आम बात है क्योंकि कुछ…

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