सतरंगी सावन – जुलाई २०२०- सप्ताह चार

हिंदी विवेक के इस अंक में हर्षित रोमांचित करने वाली ‘सतरंगी सावन’ पर आवरण कथा प्रकाशित की गई है. सावन की यह कैसी सरगम, कभी ख़ुशी कभी गम देने वाली मेरे गाँव की बारिश, सावन का सुहाना मौसम, पति बेचारा कोरोना और बारिश का मारा आदि दिल को छु लेने वाले आलेख शामिल किये गए है. इसके साथ ही पद्मनाभस्वामी मंदिर फैसले के दूरगामी परिणाम, धारावी: संघशक्ति से काबू में आया कोरोना, कारगिल युद्ध वीरता की अनुपम मिसाल, कोरोना और कोकोनट, समस्त महाजन संस्था के उल्लेखनीय कार्य, इम्युनिटी बूस्टर किट से स्वास्थ्य लाभ आदि अद्भुत संग्रहणीय आलेख पाठकों को अपने से जोड़े रखने में समर्थ है. जिन्हें पढ़ कर पाठकों का ज्ञानवर्धन होगा. ‘नाम को सार्थक करता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ सम्पादकीय उल्लेखनीय एवं सराहनीय है.

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