माघ मास में प्रातःकाल स्नान का है विशेष महत्व

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माघ स्नान अर्थात हिंदू पञ्चाङ्ग के चंद्रमास माघ (मघायुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः ) में प्रातःकाल स्नान विशेषतः तीर्थ में।अपने शरीर को स्वस्थ, पवित्र रखने के लिए नित्य स्नान आवश्यक है ही, परन्तु आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो देवता, पितर, गन्धर्व तथा सम्पूर्ण प्राणि भी हमारे स्नान से तृप्त होते…

सुसंस्कृत व्यक्तियों का निर्माण

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Man standing on a ledge of a mountain, enjoying the sunset over a river valley in Thorsmork, Iceland. With lens flare.
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सुसंस्कारिता जिसे मिली उसने वह सब कुछ पा लिया जिसे पाकर मनुष्य जीवन का अमृतोपम रसास्वादन करने का अवसर मिलता है । "आध्यात्मिकता", "दृष्टिकोण की उत्कृष्टता" और "धार्मिकता", "व्यवहार की शालीनता" को ही कहते हैं । शब्दों की ऊँचाई से किसी रहस्यवादी कल्पना में भटकने की आवश्यकता नहीं है ।…

धार्मिक स्थल पर्यटन क्षेत्र न बनें !

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हम सबके जीवन में पर्यटन का विशेष महत्व है। इस दुनिया में हम आए हैं तो देश-दुनिया को निकट से देखने की लालसा मन में होनी ही चाहिए। इसी दृष्टि से लोग इधर-उधर जाकर पर्यटन भी करते हैं। संसार में अनेक दर्शनीय स्थल हैं, जिनको लोग देखने जाते हैं ।…

आदि पत्रकार – देवर्षि नारद

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सृष्टिकर्ता प्रजापति ब्रहमा के मानस पुत्र नारद - महान तपस्वी, तेजस्वी, सम्पूर्ण वेदान्त एवं शस्त्र  के ज्ञाता तथा समस्त विद्याओं में पारंगत हैं, वे  ब्रहमतेज से संपन्न हैं। नारद जी के महान कृतित्व व व्यक्तित्व पर जितनी भी उपमाएं लिखी जायें कम हैं। देवर्षि नारद ने अपने धर्मबल से परमात्मा…

ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग!

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ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने की खबर ने देश की राजनीति को गरमा दिया है। हिन्दू पक्ष ने दावे की बात कही है वहीं कोर्ट ने भी शिवलिंग वाली जगह को सील करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ कमांडेंट को आदेश दिया है कि हर…

360 डिग्री पर घूमने वाला शिवलिंग

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दुनिया का एकमात्र अनोखा और चमत्कारी शिवलिंग जो चारों दिशाओं में घूमता है। आपने आज तक एक से बढ़कर अनोखे शिवलिंग देखे होंगे, लेकिन क्या कभी ऐसा शिवलिंग देखा है जो चारों दिशाओं में घूमता हो। इस दुनिया में एकमात्र ऐसा चमत्कारी शिवलिंग भी है जो चारों दिशाओं में घूमता…

लखनऊ नवाबों का नहीं बल्कि हिन्दुओं का शहर है 

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लखनऊ का इतिहास : लखनऊ जो नवाबों का शहर के नाम से विख्यात है जिसे मुस्लिम आक्रांताओं ने इस पूरे शहर के नक्शे से लेकर नाम तक परिवर्तित करते हुए केवल अपनी झूठी अमानत सिद्ध की है। मुस्लिमों ने हिन्दुओं से सभी विरासतों को अपना नाम देकर उसे इतिहास के…

पंच महायोग का दुर्लभ अवसर 100 साल बाद

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अक्षय तृतीया पर्व को अखतीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है। इस वर्ष यह पर्व 3 मई 2022  के दिन मनाया जाएगा। मूलतः इस पर्व को भारतवर्ष के खास त्यौहारों की श्रेणी में रखा जाता है। अक्षय तृतीया पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन…

जयंती विशेष : राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज

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23 जुलाई, 1955 को जापान के विश्व धर्म सम्मेलन में एक संन्यासी जब बोलने खड़े हुए, तो भाषा न समझते हुए भी उनके चेहरे के भाव और कीर्तन के मधुर स्वर ने वह समां बांधा कि श्रोता मन्त्रमुग्ध हो उठे। लोगों को भावरस में डुबोने वाले वे महानुभाव थे राष्ट्रसंत…

पूराण कथा : अष्टावक्र और बंदी शास्त्रार्थ

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अष्टावक्र अद्वैत वेदान्त के महत्वपूर्ण ग्रन्थ अष्टावक्र गीता के ऋषि हैं। अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। 'अष्टावक्र' का अर्थ 'आठ जगह से टेढ़ा' होता है। कहते हैं कि अष्टावक्र का शरीर आठ स्थानों से टेढ़ा था। उद्दालक ऋषि के पुत्र का नाम श्‍वेतकेतु था। उद्दालक ऋषि के…

महाभारत कालीन अंबरनाथ शिव मंदिर

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मुंबई के निकट एक ऐसा मंदिर है, जिसके बारे में मान्यता है, कि यह मंदिर द्वापर काल में पांडवों ने बनाया था, और वह भी मात्र एक ही रात में ।स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है, की यह मंदिर महाभारत काल मे ही नही, रामायण काल में भी…

विजयनगर साम्राज्य के प्रेरक देवलरानी और खुशरो खान

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मध्यकालीन इतिहास में हिन्दू गौरव के अनेक पृष्ठों को वामपंथी इतिहासकारों ने छिपाने का राष्ट्रीय अपराध किया है। ऐसा ही एक प्रसंग गुजरात की राजनकुमारी देवलरानी और खुशरो खान का है। अलाउद्दीन खिलजी ने दक्षिण भारत में नरसंहार कर अपार धनराशि लूटी  तथा वहां हिन्दू कला व संस्कृति को भी…

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