आदि पत्रकार – देवर्षि नारद

Continue Readingआदि पत्रकार – देवर्षि नारद

सृष्टिकर्ता प्रजापति ब्रहमा के मानस पुत्र नारद - महान तपस्वी, तेजस्वी, सम्पूर्ण वेदान्त एवं शस्त्र  के ज्ञाता तथा समस्त विद्याओं में पारंगत हैं, वे  ब्रहमतेज से संपन्न हैं। नारद जी के महान कृतित्व व व्यक्तित्व पर जितनी भी उपमाएं लिखी जायें कम हैं। देवर्षि नारद ने अपने धर्मबल से परमात्मा…

ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग!

Continue Readingज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग!

ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने की खबर ने देश की राजनीति को गरमा दिया है। हिन्दू पक्ष ने दावे की बात कही है वहीं कोर्ट ने भी शिवलिंग वाली जगह को सील करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ कमांडेंट को आदेश दिया है कि हर…

360 डिग्री पर घूमने वाला शिवलिंग

Continue Reading360 डिग्री पर घूमने वाला शिवलिंग

दुनिया का एकमात्र अनोखा और चमत्कारी शिवलिंग जो चारों दिशाओं में घूमता है। आपने आज तक एक से बढ़कर अनोखे शिवलिंग देखे होंगे, लेकिन क्या कभी ऐसा शिवलिंग देखा है जो चारों दिशाओं में घूमता हो। इस दुनिया में एकमात्र ऐसा चमत्कारी शिवलिंग भी है जो चारों दिशाओं में घूमता…

लखनऊ नवाबों का नहीं बल्कि हिन्दुओं का शहर है 

Continue Readingलखनऊ नवाबों का नहीं बल्कि हिन्दुओं का शहर है 

लखनऊ का इतिहास : लखनऊ जो नवाबों का शहर के नाम से विख्यात है जिसे मुस्लिम आक्रांताओं ने इस पूरे शहर के नक्शे से लेकर नाम तक परिवर्तित करते हुए केवल अपनी झूठी अमानत सिद्ध की है। मुस्लिमों ने हिन्दुओं से सभी विरासतों को अपना नाम देकर उसे इतिहास के…

पंच महायोग का दुर्लभ अवसर 100 साल बाद

Continue Readingपंच महायोग का दुर्लभ अवसर 100 साल बाद

अक्षय तृतीया पर्व को अखतीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है। इस वर्ष यह पर्व 3 मई 2022  के दिन मनाया जाएगा। मूलतः इस पर्व को भारतवर्ष के खास त्यौहारों की श्रेणी में रखा जाता है। अक्षय तृतीया पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन…

जयंती विशेष : राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज

Continue Readingजयंती विशेष : राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज

23 जुलाई, 1955 को जापान के विश्व धर्म सम्मेलन में एक संन्यासी जब बोलने खड़े हुए, तो भाषा न समझते हुए भी उनके चेहरे के भाव और कीर्तन के मधुर स्वर ने वह समां बांधा कि श्रोता मन्त्रमुग्ध हो उठे। लोगों को भावरस में डुबोने वाले वे महानुभाव थे राष्ट्रसंत…

पूराण कथा : अष्टावक्र और बंदी शास्त्रार्थ

Continue Readingपूराण कथा : अष्टावक्र और बंदी शास्त्रार्थ

अष्टावक्र अद्वैत वेदान्त के महत्वपूर्ण ग्रन्थ अष्टावक्र गीता के ऋषि हैं। अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। 'अष्टावक्र' का अर्थ 'आठ जगह से टेढ़ा' होता है। कहते हैं कि अष्टावक्र का शरीर आठ स्थानों से टेढ़ा था। उद्दालक ऋषि के पुत्र का नाम श्‍वेतकेतु था। उद्दालक ऋषि के…

महाभारत कालीन अंबरनाथ शिव मंदिर

Continue Readingमहाभारत कालीन अंबरनाथ शिव मंदिर

मुंबई के निकट एक ऐसा मंदिर है, जिसके बारे में मान्यता है, कि यह मंदिर द्वापर काल में पांडवों ने बनाया था, और वह भी मात्र एक ही रात में ।स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है, की यह मंदिर महाभारत काल मे ही नही, रामायण काल में भी…

विजयनगर साम्राज्य के प्रेरक देवलरानी और खुशरो खान

Continue Readingविजयनगर साम्राज्य के प्रेरक देवलरानी और खुशरो खान

मध्यकालीन इतिहास में हिन्दू गौरव के अनेक पृष्ठों को वामपंथी इतिहासकारों ने छिपाने का राष्ट्रीय अपराध किया है। ऐसा ही एक प्रसंग गुजरात की राजनकुमारी देवलरानी और खुशरो खान का है। अलाउद्दीन खिलजी ने दक्षिण भारत में नरसंहार कर अपार धनराशि लूटी  तथा वहां हिन्दू कला व संस्कृति को भी…

निर्गुण और सगुण में भेद होने के बावजूद ईश्वर एक है

Continue Readingनिर्गुण और सगुण में भेद होने के बावजूद ईश्वर एक है

सुमेर की आशाओं पर पानी फिर गया। वह सोचकर आया था कि भगवान के साथ सेल्फी लेगा। परंतु मंदिर में मोबाइल फोन लेकर जाना मना था। उसने मंदिर कार्यालय में जाकर कोशिश की लेकिन अनुमति नहीं मिली। वह दर्शन करने के बाद अपना सा मुंह लेकर लौट रहा था कि…

वसई में भव्य रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन

Continue Readingवसई में भव्य रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन

भये प्रगट कृपाला दीन दयाला कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।। लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी। भूषन वनमाला नयन बिसाला  सोभासिंधु खरारी।।  कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौ अनंता। माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता।।  करुना सुख सागर सब गुन…

भारतबोध जागृत हो रहा है

Continue Readingभारतबोध जागृत हो रहा है

पिछले कुछ महीनों से भारतीय समाज में एक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। इसे कुछ लोग सामाजिक ध्रुविकरण कह रहे हैं, कुछ लोग बंटवारे की राजनीति कह रहे हैं, कुछ लोग गंगा-जमुनी संस्कृति पर प्रहार मान रहे हैं। कर्नाटक में हिजाब प्रकरण के बाद हिंदू युवाओं द्वारा भगवा गमछे ओढ़ना,…

End of content

No more pages to load